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कल जब मैं मर जाऊँगा (#Aalokry)

कल जब मैं मर जाऊँगा। तब तुम मेरे लिए आंसू बहाआगे  पर मुझे पता नही चलेगा तो  उसके बजाय  आज तुम मेरी इम्पॉर्टन्टस को महसूस क...

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10 July 2020

How to buy Shiv Yog Play App Subscription by Google Play Balance

शिवयोग ऐप सब्सक्रिप्शन कैसे खरीदें ||
How to buy Shiv Yog Play App Subscription by Google Play Bal.|


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नीचे आप AaloKS चैनल की और भी दूसरी विडियो देख सकते है .....

बुरे वक़्त में हमेशा अपने ही काम आते हैं || it's True ||


तुम बस अपने आप से मत हारना ॥ You just don't give up on yourself https://www.youtube.com/watch?v=M98zf...

वक़्त बहुत अच्छा जवाब देता है ||Heart Touching Motivational Video||


माँ का सम्मान कब कम होता है || It's True ||

वो बेटा कैसा बेटा है ? जिसके सामने माँ बाप की बेज्जती हो जाए और वो चुप रहे ||Heart Touching Video
https://www.youtube.com/watch?v=zIheU... दुआ कब कबूल होती है || Dua kab Qubool hoti hai || https://www.youtube.com/watch?v=0LGan... जब आप खुश होते है तो आप उसे याद करते है https://www.youtube.com/watch?v=mqfHo... कहाँ आपका ना होना ही बेहतर है...|| https://www.youtube.com/watch?v=QiJMZ... How to open blocked websites in mobile, मोबाइल में ब्लॉक्ड वेबसाइट कैसे खोलें https://www.youtube.com/watch?v=w6PRc... बिना Watermark वाले TikTok Video कैसे डाउनलोड करे https://www.youtube.com/watch?v=Vj1ga... अगर आपका मूड खराब है तो ये आपके लिए है .... https://www.youtube.com/watch?v=aV9-O... ===========================================================

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04 February 2019

जानिये हीलिंग क्या और कैसे की जाये


जानिये हीलिंग क्या और कैसे की जाये


संजीवनी शक्ति हर समय शिवयोगी के शरीर हाथों और नेत्रों से प्रवाहित होती रहती है। आप महसूस करने के लिये जब आवाहन करते हो तब आपको वायब्रेशन महसूस होते है अन्यथा ऊर्जा का बहाव तो चलता रहता है।
शांभवि साधक के सोचते ही ऊर्जा जिसको भेजनी है या जिसका आप स्मरण करते हो उस तक पहुँच जाती है।
बस जैसे ही हीलिंग संदेश देखा आपने उस क्षण जागरूक होते हुए आपको माँ भगवती और गुरु मंडल से कनेक्ट होना है और प्रार्थना करनी है और मंत्र जाप करते रहना है मन ही मन और भाव करना है कि हर मंत्र के साथ ऊर्जा बड़ रही है और व्यक्ति स्वस्थ होता जा रहा है।

समझना अत्यंत ज़रूरी है हीलिंग पावर और सिस्टम को। अक्सर देखा गया है जैसे ही connectivity बनी अगले को आराम आना प्रारम्भ होता है। खेल आपकी सोच का और जुड़ाव का। साँसों की माला मैं सिम्रा मैं तेरा नाम “बंदा मैं बन जावा तेरा शिव शिवा” जब तुम और शिव एक हो गये फिर क्या रह गया – बताओ।
हाँ
एक चीज़ आवश्यक है लेने वाले की स्थिति हमेशा कृतज्ञता का भाव और मन चित शान्त। बाबाजी उत्तम समय बोलते है सुबह छे से साड़ें छे -सात तक हीलिंग माँगने वाला कनेक्ट हो जाए और बाबा जी का स्मरण करते हुए हीलिंग माँगे और मंत्र जप प्रारम्भ कर दे उसको हीलिंग मिल जायेगी। आप अपनी साधना जब भी करो जिसको आपको भेजनी है उसका स्मरण अवश्य करो ।

प्रार्थना इस प्रकार …
हे शिवशिवा,
परमपिता परमेश्वर
आद्यशक्ति,
भगवान महामरत्युंजय,
सिद्ध गुरु मंडल,
मेरे गुरुदेव कृपा कर XYZ को हील करें, स्वास्थ प्रदान करते हुए जीवन ख़ुशहाल करें।
तो उत्तम समय आपने समज लिया होगा अब तक, पूरा शिवयोग परिवार सुबह कनेक्ट होता है ६-७ तक महादेव से जो की सर्वोत्तम है।
बाक़ी गुरुदेव ने कोई समय आप सभी को देखते हुए निश्चित नहीं किया।
परंतु
वो यह कहते है मैं सुबह उपलब्ध हूँ और यह भी देखा गया है की भाव से कई साधक तो जाकर उनको साथ लेकर आते है अपनी सधना कक्ष में और मिलकर साधना करते है।

Shivyog is knowingness

और ध्यान रहे आप किसी के लिये प्रार्थना करते हो वो आपकी सधना ही है जितना आप किसी के लिये करोगे उतना आप स्वयम् के लिये कर ही रहे हो यह मत सोचना १० मिनट इसका १० मिनट उसका मत करियेगा सब का सिमरन करते हुए साधना प्रारम्भ करना।

जब १ से ज़्यादा हीलिंग लेने वाले आपके लिस्ट में है तब आप सब का स्मरण करते हुए सधना प्रारम्भ कर दे ऊर्जा गुरुदेव को और प्रार्थना माँ भगवती की जीवन दायनी शिवयोग शक्ति से करें।




13 July 2018

बाल झड़ने के क्या कारण है ? बालों का झड़ना (Hair Fall) कैसे रोके

बाल झड़ने के क्या कारण है ? (What are the reason of hair fall information in hindi)

बालो का गिरने का कोई एक कारण नहीं है कई सारे कारन है लेकिन हम यहाँ पर आपको वो कारन बताएँगे जिनसे ज्यादातर हेयर फॉल (Hair Fall) होता है आइये जान लेते है ये कारण कोनसे है
  • ज्यादा तनाव लेना : अगर आप अपने काम से बहोत परेशान है या फिर आप बहोत ज्यादा तनाव में रहते है तो इससे भी आपके बाल झड़ने शुरु हो जाते है
  • बालो में डैंड्रफ (dandruff) होना : जी हा अगर आपके बालो में ज्यादा डैंड्रफ तो ये भी एक कारण होता है बाल झड़ने के अगर आपके बालो में अधिक में मात्र में डैंड्रफ है तो आपके बाल ज्यादा झड़ने लगेंगे
  • अलग अलग तरह के केमिकल शैम्पू (Chemical Shampoo) इस्तेमाल करना : जी हा अगर आप अलग अलग प्रकार है शैम्पू रोजाना इस्तेमाल करते है या फिर बार बार शैम्पू यूज़ करते है तो इससे बाल झड़ना शुरुर हो जाते है जैसा की आप सभी लोग जानते है की आज के शैम्पू में कितने केमिकल होते है जो हमारे बालो के लिए हानिकारक है
  • शरीर को प्रयाप्त मात्र में विटामिन्स न मिलना : जैसा की आप सभी लोग जानते ही है शरीर में विटामिन्स कितना जरुरी है तो अगर आप शरीर को प्रयाप्त मात्र में विटामिन्स नही मिलता है तो इससे भी आपके बाल झड़ने शुरू हो जाते है
  • स्कैल्प इन्फेक्शन होना : अगर आपके स्कैल्प (Scalp) में इन्फेक्शन है तो स्कैल्प इन्फेक्शन (Scalp infection)  बाल बहोत ज्यादा झड़ते है तो ऐसे में    आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए
  • गर्भाशय (Pregnancy) से भी बाल झाड़ते है :  प्रेगनेंसी के दोरान महिलाओ यानि फीमेल में हारमोंस (Hormones) बदलाव होते है तो उस वक्त महिलाओ के काफी ज्यादा बाल झड़ते है
  • सही भोजन का सेवन नहीं करना : आज कल के युवाओ में बाहर का खाना खाना बहोत चलन में है लोग जंक फूड्स (Junk Foods) खाना पसंद करते है लेकिन सायद कुछ लोग नहीं जानते की ऐसे खाना खाने से हेयर फल (Hair Fall) होता है क्यों इससे हमारे बॉडी (Body) प्रयाप्त मात्रा में प्रोटीन (Protein) नहीं मिल पता और बालों का झड़ना शुरू हो जाता है
  • बालो के साथ छेड़छाड़ करना : अगर आप अपने बालो में तरह तरह के हेयर प्रोडक्ट जैसे की हेयर जेल (Hair Gel) , या फिर हेयर कलर करवाते है या फिर बालो में वैक्स (Hair Wax) लगते है तो इन सभी चीजों से भी एक समय बाद काफी मात्रा में बाल झड़ने शुरू हो जाते है
  • विटामिन B की कमी होना : एक रीसर्च के मुताबित ये पाया गया है की शरीर में विटामिन B की कमी से भी हेयर फॉल (Hair Fall) होता है

बालों का झड़ना (Hair Fall) कैसे रोके बाल गिरने से रोकने के घरेलु और आयुर्वेदिक उपाय और बेस्ट टिप्स

 स्कैल्प को तेल से मालिश करे
सायद आप नहीं जानते होंगे हमारे बालो का झाड़ना इसके पीछे मेन कारण बालो में ब्लड सर्कुलेशन नहीं पहोचना होता है अगर आपके बालो में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से नहीं पहोचता है तो आपके बाल झाड़ना गिरना शुरू हो जाते है तो अगर आप हर दो दिन में या फिर हफ्ते में दो तीन बार तेल से अपने स्कैल्प यानि सर की मालिश करते है तो इससे आपके स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन सही से हो पायेगा जिससे आपके बाल का झड़ना बंद हो जायेगा कुछ समय बाद
आपको ऐसा तेल इस्तेमाल करना है जिसमे किसी भी तरह का केमिकल न हो आज कल बाजार में कई खुसबू वाले तेल आपको मिल जायेंगे जिसमे केमिकल हो तो ध्यान रहे ऐसे तेल का प्रयोग करे जिसमे केमिकल न हो आपको बालो अच्छा होगा और आपके बाल मजबूत हो जाये जिससे हेयर फॉल कम होगा.
 

 

 बालो में सरसों , नारियल , तिल का तेल लगाये
सायद आप नहीं जानते होगे बालो में बाजार के अलग अलग प्रकार के तेल लगाने से बालो जा झड़ना शुरू हो जाता है तो कोसिस करे बालो में हमेशा सरसों का तेल , नारियल तेल (Coconut Oil) , तील का तेल , जेतुन का तेल इस्तेमाल करे ये आपके बालो को मजबूत और घना बनाने में काफी मददगार होती है ये तेल बालों का झड़ना सही से रोकती है और बालो को स्ट्रोंग बनाती है
 स्कैल्प में प्याज का रस लगाये
सायद आप नहीं जानते होंगे की प्याज का रस बालो में लगाने से कितने फायदे है इसे आपके बाल मजबूत बन जाते है और हैर फल कम हो जाता है प्याज के अन्दर सबसे ज्यादा सल्फर पाया जाता है जो स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में काफी मदद करेगा इसके अलावा आपके सर में जो भी इन्फेक्शन है या बैक्टीरिया है वो सरे मर जायेंगे प्याज के रस से. ये रिसर्च से भी प्रोव हुआ है प्याज बालों का झड़ना रोकता है प्याज का रस हमारे बालो के लिए काफी फायदेमंद है तो आप प्याज का रस बालो में लगाके स्कैल्प पे अच्छे से इसे आधे या एक घंटे के लिए छोड़ दे फिर बालो अच्छे से धो ले ये प्रक्रिया आप हफ्ते में दो तीन बार कर सकते है इससे बालों का झड़ना कम होगा.
 : आमला और एलोवेरा का यूज़ करे
बाल को मजबूत बनाने और बालों का झड़ना रोकने के लिए आमला और एलोवेरा काफी फायदेमंद होता है आँवला (phyllanthus emblica) बालो को नेचुरल ग्रो (Hair Growth) करने के लिए काफी मददगार होता है आमले में विटामिन C काफी मात्रा में पाया जाता है जो बालो के लिए बेहद जरुरी है इसके अलावा अलोवेरा (Aloe vera) भी बालो के लिए बहोत फायदेमंद होता है ये बालों का झड़ना रोकता है और आपके बालो को मजबूत बना देता है
  दही और नीबू को बालो में लगाये
एक कटोरे में दही और निम्बू का मिक्सचर बना लीजिये इसके बाद इसे आपके बालो के स्कैल्प पे लगाये ये मिक्सचर एक हेयर कंडीशनर (Hair Conditioners) की तरह काम करेगा जो आपके बालो से सारे डैंड्रफ (dandruff) को निकल देगा और जैसे की आप सभी लोग जानते ही है बाले में डैंड्रफ नही होगा तो इससे बालों का झड़ना काफी हद तक कम हो जायेगा और आपके बाल मजबूत हो जायेंगे तो दही और निम्बू के मिक्सचर से सर को मसाज करने के बाद इसे करीब 30 या 40 मिनट के  लिए छोड़ दे फिर इसे किसी नेचुरल शैम्पू से बाल धो ले.
रोजाना बालायाम करे
अगर आपके बाल काफी ज्यादा झड रहे है रोजाना बालो में हाथ मारने से बाल टूटते है तो बालायाम आपके लिए बहोत ही फायदेमंद होने वाला है बालायाम योग करना बहोत ही आसान है बस आपके अपने दोनों हाथो के नाखुनो को आपस में रगड़ना है रोजाना सुबह सुबह खली पेट में 5 या 10 मिनट , ये बालो का झड़ना और नए बाल उगाने में काफी मदद करता है इससे आपके बालो तक ब्लड सर्कुलेशन आसानी से पहोच जाता है जिसे नए बाल आने लगते है लेकिन ध्यान रहे इस बालायम का इफ़ेक्ट कोई एक दिन या एक महीने का नहीं है इसका इफ़ेक्ट देखने के लिए के 6 महीने भी लग सकते है या फिर 1 साल या 2 साल भी लेकिन इसका रिजल्ट आपको जरुर मिलेगा
अपने खान पान में बदलाव करे
अगर आप अच्छा खाना नहीं खाते है जिसमे प्रोटीन हो तो ऐसे में आपका बालों का झड़ना बंद नही होगा कोसिस करे हमेशा हाई प्रोटीन और हरी सब्जिया खाए मॉस मछलियों का सेवन करे इनमे काफी प्रोटीन होता है बाहर की चीज़े जैसे की पिज़्ज़ा (Pizza) , कोल्ड ड्रिंक (Cold Drink) इत्यादि को बहोत ही कम मात्रा में खाए।

                                        तो ये कुछ टिप्स है जिन्हें आप फॉलो कर सकते है जिनसे आपके बालो का झाड़ना काफी हद तक कम हो जायेगा अगर आपके बाल कुछ ज्यादा ही झड रहे है और हेयर फॉल (Hair Fall) कण्ट्रोल ही नही हो रहा है तो ऐसे इस्थिति में किसी हेयर की एक्सपर्ट को दिखाए वो आपकी अच्छे से मदद कर सकते है....#Aalokry #AalokDD 



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06 June 2017

The Right Way To Breathe

सांस लेने का सही तरीका

सांस लेने का सही तरीका


🔴'प्राकृतिक सांस लेने को समझना जरूरी है। देखो छोटे बच्चों को, वे स्वाभाविक रूप से सांस लेते हैं। यही कारण है कि छोटे बच्चे ऊर्जा से भरे हुए होते हैं। माता-पिता थक गए हैं, लेकिन वे थके नहीं हैं।


🔴'कहां से ऊर्जा आती है? यह प्राणमय कोष से आती है। बच्चा स्वाभाविक रूप से सांस लेता है, और निश्चित रूप से अधिक प्राण और अधिक ची ऊर्जा सांस के द्वारा लेता है, और यह उसके पेट में जमा होती है। पेट इकट्ठा करने की जगह है, भंडार है। बच्चे को देखो, वह सांस लेने का सही तरीका है। जब एक बच्चा सांस लेता है, उसकी छाती पूरी तरह से अप्रभावित होती है। उसका पेट ऊपर और नीचे होता है। मानो वह पेट से सांस ले रहा है। सभी बच्चों का पेट निकला होता है, वह उनके पेट से सांस लेने की वजह से है और वह ऊर्जा का भंडार है।

🔴'एक बच्चे को देखें और वही प्राकृतिक सांस है, और उसी तरह सांस लें । जब आप सांस लें तब पेट ऊपर आए और जब आप सांस छोड़ें तब पेट नीचे जाए। और यह एक ऐसी लय हो कि यह आपकी ऊर्जा में लगभग एक गीत बन जाता है, एक नृत्य ताल के साथ, सामंजस्य के साथ--और आप इतने निश्चिंत महसूस करेंगे, इतने जीवंत, जीवन-शक्ति से ओतप्रोत कि आप कल्पना नहीं कर सकते कि ऐसी जीवन-शक्ति हो सकती है।'

🔴'यह सांस लेने का सही तरीका है, ध्यान रहे, अपनी छाती का बहुत ज्यादा उपयोग नहीं करना है। कभी-कभी यह आपातकालीन समय में किया जा सकता है। आप अपने जीवन को बचाने के लिए दौड़ रहे हैं, तब छाती का उपयोग किया जा सकता है। यह एक आपातकालीन उपाय है। तो आप उथले, तेजी से सांस लेने का उपयोग कर सकते हैं और दौड़ सकते हैं। लेकिन आमतौर पर छाती का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। और एक बात याद रखनी जरूरी है कि छाती आपात स्थितियों के लिए ही होती है क्योंकि आपात स्थिति में स्वाभाविक रूप से सांस लेना मुश्किल है; क्योंकि अगर आप स्वाभाविक रूप से सांस लेते हैं तो आप इतने शांत और मौन होते हो कि आप दौड़ नहीं सकते, आप लड़ नहीं सकते। आप इतने शांत और केंद्रित होते हैं--एकदम बुद्ध जैसे। और एक आपात स्थिति में--जैसे घर में आग लगी है--यदि आप स्वाभाविक रूप से सांस लेंगे तो आप कुछ भी बचा नहीं पाएंगे। या जंगल में एक बाघ आप पर कूदता है और आप स्वाभाविक रूप से सांस लेते रहें तो आप फिक्र ही नहीं करेंगे। आप कहेंगे, 'ठीक है, उसे करने दो जो भी वह चाहता है।' आप अपने खुद को बचाने के लिए सक्षम नहीं होंगे।

🔴अगर आप सही सांस लेते हैं तो आपका प्राणमय कोष स्वस्थ, अखंड और प्राणवान रहता है।

🔴'इस तरह का व्यक्ति कभी नहीं थकता। इस तरह का व्यक्ति हमेशा कुछ भी करने के लिए उपलब्ध है। इस तरह का व्यक्ति हमेशा उत्तरदायी, हमेशा क्षण को प्रतिसंवेदित करने के लिए, चुनौती लेने के लिए तैयार है। वह हमेशा तैयार है, आप उसे किसी भी पल के लिए अप्रस्तुत नहीं पाएंगे। ऐसा नहीं है कि वह भविष्य के लिए योजना बनाता है, लेकिन उसके पास इतनी ऊर्जा है कि जो भी होता है उसका प्रतिसंवेदन करने के लिए वह तैयार है। उसके पास छलकती हुई ऊर्जा है।


🔴'तो प्रकृति ने एक आपातकालीन उपकरण दिया है, छाती एक आपातकालीन उपाय है। जब आप पर एक बाघ हमला करता है, तो आपको प्राकृतिक सांस छोड़ देनी होती है और आप को छाती से सांस लेनी होती है। तब दौड़ने के लिए , लड़ने के लिए, ऊर्जा को तेजी से जलाने के लिए आपके पास अधिक क्षमता होगी। और आपात स्थिति में केवल दो ही विकल्प होते हैं: भाग जाना या लड़ाई करना। दोनों के लिए बहुत उथली लेकिन तीव्र ऊर्जा की जरूरत है, उथली लेकिन एक बहुत परेशान, तनावग्रस्त स्थिति।

🔴'अगर आप लगातार सीने से सांस लेते हैं तो, आपके मन में तनाव होगा। अगर आप लगातार सीने से सांस लेते हैं, आप हमेशा भयभीत होंगे क्योंकि सीने से सांस लेना खतरनाक परिस्थितियों के लिए ही होता है। और यदि आपने इसे एक आदत बनाया है तो आप लगातार भयभीत, तनावग्रस्त, हमेशा भागने की तैयारी में होंगे। वहां दुश्मन नहीं है, लेकिन आप दुश्मनों की कल्पना करेंगे। इसी तरह पैरानोया, व्यामोह निर्मित होता है।


#ओशो, योगा: दि पाथ ऑफ लिबरेशन

एक बात मेरी उस पीपल के पेड़ के साथ

peepal tree
एक बात मेरी उस पीपल के पेड़ के साथ
आज हमारे शहर मे बहुत गर्मी है। और उफ़ ये क्या हुआ ?
oh shit .... लाइट चली गयी और इनवर्टर भी डिस्चार्ज।
सोचा चलो बाहर टहल आता हूँ।
मैं घर के पीछे वाली रोड पर टहलते हुए आगे बढ़ा कुछ दूर आने के बाद एक घना पीपल का पेड़ दिखा
लहराती पत्तियां ,सनसनाती पत्तियां और वहां पहुचकर लगने वाली वो मीठी मीठी सी ठंडी हवा के झोखे।
वहां पहुचते ही एक सुकून सा महसूस हुआ और लहराती पत्तियों को देखकर आँखों को भी बहुत सुकून
मिला।
फिर सोचा चलो यहाँ कुछ समय बिताते है।
आखिर वहां रुकते भी क्यों ना वहां पहुचकर दिल को एक सुकून सा मिला था।जाने कितने सालो बाद मैं वो महसूस कर पा रहा था।
मैं तुरंत जाकर उस पेड़ के नीचे बैठ गया और उस पेड़ की पत्तियों को जो अपने ही मौज मे लहरा रही थी
ध्यान से देखने लगा। वो पेड़ पर बैठी चिड़ियों की आवाज़ को भी बहुत ध्यान से सुन रहा था। और मैं बता नहीं सकता मैं अन्दर ही अन्दर मुस्कुरा रहा था सैयद दिल को ज्यादा ही सुकून मिल गया था।
उस टाइम गलती से ही सही पर पर एक चीज़ बहुत अच्छी हो गई थी और वो ये था की मैं अपनी मोबाइल
घर पर ही भूल गया था।
उस दिन एक बात और महसूस हुई की अगर मोबाइल साथ मे लाता तो मै उन खुशियों को महसूस ही नहीं
कर पता जो मुझे मिल रही थी प्रकृति से। अगर मोबाइल लाता तो शायद Whattsapp या Facebook मे
Busy हो जाता या बात करने मे Busy हो जाता। Thank U God की मैं मोबाइल भूल गया।
मैं हाथ मे एक डंडी लिए उसे लहराते हुए जाकर पेड़ से सट कर बैठ गया। और बैठने के बाद उसी डंडी से
मिट्टी को खोदने लगा। और फिर खोदे हुए को समतल कर देता। वही पर पड़ी हुई एक पीपल की पत्ती को उठाकर उसे ध्यान से दहक रहा हूँ फिर उसे नीचे से पकड़कर अपने दो उँगलियों से नचा रहा हूँ।
ये सब मैं क्यों कर रहा हूँ नहीं जानता पर ये करके बहुत खुसी मिल रही है ये जनता हूँ।
तभी मेरी नज़र पड़ी चीटीयों के एक झुण्ड पर जो लाइन बना कर पेड़ पर चढ़ रही थी आधी मेरे इस तरफ थी
और आधी मेरे उस तरफ थी। तभी ध्यान गया ,Ooh My God मैं बिना ध्यान दिए जहाँ बैठ गया था
वो उनका रास्ता था जिसे मैं अन्जाने मे तोड़ दिया था। सारी चिट्टियाँ जो अभी तक एक पंत्ति मे जा रही थी
अब बिखर चुकी थी। शायद एक नए रास्ते की खोज मे ,बिना मुझसे शिकायत किये अपनी नयी मंजिल
ढूंढने लगी वो चींटियां।
मुझे उनका ये Attitude बहुत पसंद आया मैं बिना देर किये तुरंत उस जगह से अपनी जींस को झाड़ते हुए
जिस पर मिट्टी लग गयी थी ,उठ गया। और हाँ अपनी उस डंडी को भी उठा लिया जिससे मिट्टी खोद रहा था
कुछ देर पहले। शायद उस डंडी से लगाव हो गया था मुझे। और इस तरह मैंने उन चीटीयों को उनका रास्ता
सौंप दिया।
अब मैं घूम कर पेड़ की दूसरी तरफ चला गया इस बार अच्छी तरह से देखकर , फूँक कर फिर बैठ गया उस
पेड़ की ठंडी छाव मे।
पर ये क्या.........
मुझे ऐसा क्यों महसूस हुआ की किसी ने मुझे पुकारा पर वहाँ तो मैं अकेला था।
मैं घूमा , चारो तरफ देखा फिर बैठ गया।
दुबारा फिर महसूस हुआ की बहुत ही करीब से किसी ने कुछ कहा , मैं फिर से उठा चारो तरफ देखा और
फिर बैठ गया। कोई नहीं दिखा मुझे ....
फिर तीसरी बार मुझे महसूस हुआ किसी ने कुछ तो कहा मुझसे
अब मेरे मन मे तरह तरह की बाते आने लगी ,उट पटांग विचार आने लगे। दिमाग के पटल पर बचपन की
भुतही कहानियां भी आने लगी ,जो बचपन मे मैंने बड़े चाव से सुन रखी थी। अब दिल ने कहा की जल्दी से
हनुमान - चालीसा बोलना शुरु करो और शायद ये बात भी बचपन मे ही सीखा था की इस तरह की विपरीत परिस्थति मे हनुमान -चालीसा पढ़ा जाता है। तो मैंने भी शुरु कर दिया फिर थोड़ी देर बाद मेरी अंतरत्तमा
ने मुझे आशवस्त किया की अब तुम बिलकुल सेफ हो।
लेकिन ये क्या ?
Ohh My God
फिर से आवाज़ आयी.....
But मैंने यहाँ एक बात गौर की इतना कुछ होने के बाद भी मैं उस जगह से जाना नही चाहता था।
शायद उस खुले आकाश के नीचे , प्रकृति के आँचल मे मैं जो सुकून पा रहा था उसे खोना नही चाहता था।
फिर मेरे दिमाग मे आया मैं फालतू मे क्यों डर रहा हूँ। जब मेरे शिव-शिवा & बाबा जी तो मेरे साथ है तो फिर
कोई नेगेटिव एनर्जी मेरा कुछ नही बिगड़ सकती। अब मैंने फैसला किया उस आवाज़ को जानने की।
जब ऑंख बंद करके उस आवाज़ पर मैंने ध्यान केंद्रित किया तो महसूस हुआ की वो आवाज़ प्रत्यछ ना होकर
एक वाइब्रेशन के रुप मे है जिसे मेरी अंतरत्तमा रिसीव कर रही थी। और वो आवाज़
उस पीपल के पेड़ की थी। वो आवाज़ ये थी कि ,
आलोक मैं हूँ......पीपल का पेड़।
मैं ये सुन कर चौक गया था की आपको मेरा नाम कैसे पता ?
तो पीपल ने बोला की , आलोक मैं सिर्फ तुम्हारा नाम ही नही बल्कि तुम्हारे घर के बगल मे रहने वाले
श्रीवास्तव जी को भी जानता हूँ , सामने वाले वर्मा जी को भी अरे वो सब छोड़ो मैं तुम्हे बताता हूँ की मैं
यहाँ रहने वाले सभी लोगो को जनता हूँ।
ये सुन कर मैं बहुत हैरान था। और पीपल ने भी मेरे चेहरे पर हैरानियाँ देख ली थी। फिर उसने कहा की मैं समझाता हूँ...... जिस जगह आज तुम रह रहे हो वो किसी समय मे विरान थी कोई भी नही रहता था यहाँ.....
ये ऐसी जगह थी जो बाढ़ के समय मे पूरा पानी मे डूबा बाढ़ ग्रस्त एरिया व गर्मी के दिनों मे तपती हुई जमीन
तथा उड़ती हुई चारो तरफ धूल वाली लू....... ऐसी जगह थी ये।
ऐसी बंजर जमीन पर सबसे पहले 'मैं ' और मेरे ही कुछ साथी पेड़ यहाँ पर उगे शुरु मे हम 7 पेड़ थे
जिन्हें तुम लोग आज तितैया नीम , बड़का बरगद , मिठौआ आम , कौआलिलारिया आम, उ लम्बका पेड़ , खजूरकवा पेड़ और मैं जिन्हें तुम सब पीपल बाबा बोलते हो हम 7 पेड़ यहाँ उगे थे।
जिस जगह आज तुम और ये सारा मोहल्ला ख़ुशी -ख़ुशी रह रहा है ना , ये रहने लायक मॉहौल हम और हमारे साथी पेड़ो ने मिलकर ऐसी जगह बनाई है जहाँ तुम लोग इतनी ख़ुशी - ख़ुशी रह रहे हो।
हम सब पेड़ो ने ही मिलकर ज़मीन की कटान को रोका , बाढ़ को नियंत्रित किया , खुद को धुप मे जलाकर
ठंडी छाव प्रदान की ,फिर मीठे -मीठे फल आये फिर तुम्हारे पूर्वज
फल व ऐसी जगह देखकर यहाँ बसना शुरू कर दिए।
मैंने उन्हें बीच मे टोकते हुए बोला की पीपल बाबा आप मुझे ये सब आज क्यूं बता रहे है ?
पीपल के पेड़ ने कहा :- मेरे बच्चे मै उन 7 पेड़ो में से वो आख़िरी पेड़ बचा हुँ जिसे अभी से ठीक 18 घण्टे बाद
काट दिया जायेगा।
और मैं तुमसे सच कहता हूँ। मुझे मेरे कट जाने का दुःख नहीं है कष्ट तो इस बात का है की मैं तुम इंसानो का
वो भयानक भविष्य देख रहा हूँ जो की अगर तुम पेड़ो को काटना नही रोके तो तुम्हारा हाल वही होगा जो उन
दियों का हो जाता है जो जलते तो 100 - 200 एक साथ है पर जब आँधी चलती है तो एक -एक कर सारे दिये बुझने लगते है और अँधेरा हो जाता है।
मेरे बच्चे , अभी भी सम्भल जाओ कुछ दियों को बचा लो बुझने से ताकि फिर से उन दियों को जला पाओगे
जो बुझ चुके है और उस महा-विनाश को रोक पाओगे जो मैं देख रहा हूँ।
अब मैं जानना चाहता था की वो क्या कहना चाह रहे है ?
कैसा महा-विनाश?
कौन काटने वाला है उनको ?
अब मैंने उनसे आग्रह किया की सब कुछ मुझे विस्तार से बताइये की आप कहना क्या चाहते है ?
कौन आपको 18 घण्टे बाद काटेगा और क्यूँ ?
पीपल ने कहा :- मेरे बच्चे मेरी बात को ध्यान से सुनना क्यों की तुम्हे ही इस बात को आगे तक पहुचाना है।
ताकि लोग आने वाले विनाश को रोक पाये और ये खूबसूरत दुनिया खूबसूरत ही बनी रहे।
तुम अभी जिस जगह पर खड़े हो वो ज़मीन कल ही बिक गई है और जिसने ये प्लाट ख़रीदा है जानते हो
उसका सबसे पहला शब्द क्या था ? उसने कहा इस पेड़ को काट दो फिर मेरा प्लाट बहुत अच्छा निकल
आएगा। और जिसने ये ज़मीन खरीदी है वो ठेकेदार को बोल के गया है की कल सुबह 09:00 बजे आकर
इस पेड़ को काट देना और हाँ सुनो लकड़ी यही छोड़ जाना हम उपयोग करेंगे उसका , ठंडी मे जलाने के
काम आएगी और नवरात्री मे हवन इत्यादि के काम आयेगी। वो उस तरफ देखो रस्सी और आरी भी आकर
रखा गयी है।
पीपल ने कहा :- आलोक तुम मुझे एक बात बताओ किस वेद या ग्रन्थ मे लिखा है कि पेड़ो को काटकर
हवन करो ?
अगर इंसान इसे ध्यान से पढ़े तो वो जानेगा की हर ऋषि -मुनि अपने शिष्यो को यही बोलते थे की जाओ और
हवन के लिए जंगल से लकड़ी बिन कर लाओ। वे कभी भी पेड़ काटकर हवन नहीं करते थे बल्कि जंगल मे
गिरी हुई लकडियो को इकट्ठा कर लाते थे हवन के लिए। और मुझे ये बताओ की मुझे काटकर वो हवन कर भगवान से मांगेगा क्या ? अपने लिए सुख और शान्ति।
तुम्ही बताओ आलोक कैसे मिलेगी उसे सुख और शान्ति
जब की उसने तो सिर्फ मेरी ही हत्त्या नहीं की बल्कि मुझ पर आश्रित कई प्रकार के जीवों की सुख - शान्ति
छीन ली।
मैंने पुछा पीपल बाबा आप पर कौन जीव आश्रित हैं ?
पीपल :- क्यों ?
दिन भर उड़ने के बाद थकी हारी चिड़ियाँ शाम को अपने घोंसले मे नहीं लौटेंगी?
जो उन्होंने मुझ पर बना रखा है। उनका घर नही हमेशा के लिए टूट जायेगा ? और ये गिलहरियां जो पुरे दिन ऊपर नीचे करती है उनका घर भी तो मैं ही हूँ। महावत आकर मेरी पत्तियां अपने हाथियों के लिए ले जाता है
उन हाथियों के लिए भोजन मैं हूँ। मेरी जड़ो मे हजारो तरह के सूक्छम तथा अति सूक्छम जीव जिन्हें तुम
देख नही पाते वे कहाँ जायेंगे?
जब चीटियां अपना भोजन व मरे हुए कीट पतंगों को खींचकर अपने बिल में ले जाती हैं जो घर उन्होंने मेरे
जड़ो में बना रखा है। तो वह सिर्फ खुद ही भोजन नहीं करती बल्कि उन हजारों छोटे छोटे जीवो को भी
भोजन मिलता है। मेरे कटने पर तो वे हजारों छोटे छोटे जीव भी मर जाएंगे।
अब तुम बताओ! इतने लोगों की हत्या व उनका घर तोड़ देने के बाद तुम इंसान कैसे सोच सकते हो कि
ईश्वर तुम्हें सुख और शांति देगा।
मैंने कहा:- पीपल बाबा हमने तो आज तक कभी यह सोचा ही नहीं कि एक पेड़ कटने पर ना सिर्फ वह पेड़
बल्कि उस पर आश्रित ज़िंदगियाँ भी खत्म हो जाती हैं।
मैं दुखी होकर यह सोच रहा था मतलब 18 घंटों बाद ना सिर्फ ये पीपल का पेड़ बल्कि और भी ज़िंदगियाँ
बिखर जाएँगी।
मैं ये सोच ही रहा था कि पीपल ने बोला जब कभी प्राकृतिक आपदाओं की वजह से तुम्हारे घर टूट जाते हैं तो
तुम इंसान भगवान से शिकायत करते हो और कहते हो कि भगवान आपको क्या पता की पूरी उम्र बीत जाती
है अपने सर पर एक छत बनाने में और आप मेरा घर तोड़ दिए?
और मुझे बताओ तुम कभी यह सोचे कि एक पेड़ काट देने से तुम कितनों के घर तोड़ दिए?
मैंने उन्हें बीच में टोकते हुए बोला कि आपको यह कैसे पता कि हम इंसान भगवान से ये बात बोलते हैं
कि उम्र बीत जाती है एक छत बनाने में ?
पेड़ ने कहा मेरे बच्चे, तुम्हारे जो बड़े बुजुर्ग लोग हैं ना वो अक्सर दोपहर में आकर मेरी छांव के नीचे बैठते हैं।
और आपस में अपना सुख-दुख बांटते हैं और मैं सब कुछ सुनता रहता हूं। और मैं भी उनके साथ साथ खुश
होता हूं और दुखी होता हूं।
मैंने बोला आप ऐसा कैसे कर सकते हैं आप तो पेड़ हैं?
पीपल ने बोला:- क्यों नहीं कर सकता !
तुम ध्यान तो दो जब तुम गर्मी से परेशान मेरे पास आते हो तो तुम्हें ठंडी हवा देता हूं और जब कभी भी तुम
आपस में बात करते करते रो देते हो, तो उस समय ध्यान देना मैं भी ठहर सा जाता हूं ,हवा का वेग बहुत कम
हो जाता है एक सन्नाटा सा पसर जाता है।
और जब तुम हंसते हो जोर जोर से तो मैं और भी तेज लहराने लगता हूं हवा तेज हो जाती है
मैं तो कई पीढ़ियों के साथ ऐसे ही उनके सुख दुख में साथ देता रहा हूं।
और कभी कभी तो मेरे साथ इतना बुरा होता है कि मैं बता नहीं सकता कुछ बेवकूफ बच्चे मेरे पेड़ पर आकर
सू -सू कर देते हैं और मैं गिनगिना कर रह जाता हूं।
ये सुन कर मुझे तेज़ी से हंसी आ गई। तो वे बोले हंसी आ रही है तुम्हें ,अभी तुम्हारे ऊपर कोई सू -सू करे तो
तुम तुरंत ढकेल दोगे उसे। तो मेरे बारे में सोचो कि मैं कैसे बर्दाश्त करता हूं। हालांकि कभी - कभी मन
करता है कि ऊपर से टहनी गिराऊ और काट दू इसकी...... पर छोड़ देता हूं।
यह सुनकर मैं जोर जोर से हंस रहा था और तभी पत्तियां भी जोर जोर से लहरा रही थी मैं समझ गया पीपल
का पेड़ भी मेरे साथ-साथ हंस रहा है। तभी अचानक मेरी हंसी रुक गई।
मुझे अचानक ये याद आ गया था कि पीपल बाबा कोई विनाश की बात कर रहे थे?
मैंने पूछा पीपल के पेड़ से आप किस विनाश की बात कर रहे थे?
पेड़ ने कहा :- जिस तरह से आज तुम इंसान पेड़ो को काटते जा रहे हो कभी सोचा है कि इसका परिणाम
क्या होगा ?
अगर पेड़ नहीं रहे तो बारिस नहीं होगी
बारिश नहीं होगी तो नदियां सुख जाएँगी एवं सूखा पड़ेगा
सूखा पड़ा तो लोग भूख और प्यास से तड़पेंगे ,
बारिश ना होने से पृथ्वी का तापमान बढ़ता जाएगा
तापमान बढ़ेगा तो ग्लेशियर पिघलना शुरू हो जाएंगे
और जब ग्लेशियर पिघलेगा तो समुद्र का जल अस्तर तेजी से ऊपर उठने लगेगा
समुद्र का जलस्तर उठेगा तो पानी शहरों में घुसने लगेगा
जगह जगह बाढ़ आ जाएगी शहर डूबने लगेंगे
क्यों कि बाढ़ को नियंत्रित करने के लिए पेड़ तो रहेंगे नहीं
क्यों कि तुम इंसान तो पेड़ों को तेजी से काटते जा रहे हो , खत्म करते जा रहे हो वनों को लिहाज़ा विनाश ही
होगा।
अब मुझे अच्छी तरह से समझ में आ चुका था कि वह किस विनाश की बात कर रहे थे?
और उनका कहना भी एकदम सही था कि अगर हम पेड़ों को काटना नहीं रोके और वृक्षारोपण नहीं शुरू
किए तो एक दिन ऐसा ही होगा।
मैंने वहां उनसे वादा किया कि मैं जान गया हूं कि अगर मुझे इस दुनिया को बचाना है तो मुझे पेड़ों को बचाना होगा।
मैं आपसे वादा करता हूं पीपल बाबा मैं ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाऊंगा।
और ऐसा करने के लिए लोगों को भी जागरुक करूंगा कि वह पेड़ ना काटे और ज्यादा से ज्यादा पेड़ो को लगाएं।
इतना कहने के बाद मैं दौड़कर पीपल के पेड़ से गले लग गया
और कहा मैं आपको कुछ नहीं होने दूंगा। इस समय मेरे दोनों आंखों में आंसू डगमग कर रहे हैं, धड़कन
तेज है और पेड़ को पूरा जकड़कर गले लगा हूं।
अब मेरी आंखों से लगातार आंसू निकल रहे हैं
और मैं बस यही कहते जा रहा हूं कि आपको कटने नहीं दूंगा , कुछ होने नहीं दूंगा।
उस समय ऐसा लग रहा था कि कोई बहुत ही खास मुझे हमेशा के लिए छोड़ कर जाने वाला है।
ऐसा रिश्ता सा बन गया था वह पीपल के पेड़ के साथ
पीपल ने कहा :- मेरे बच्चे अब मुझे कटने का कोई दुख नहीं है मैं जो समझाना चाहता था वो तुम समझ चुके
हो अब देर मत करना लोगों को समझाना कितना जरूरी है पेड़ जीवन के लिए।
अब तुम घर जाओ काफी देर हो गई है। अब तुम्हें घर जाना चाहिए।
मैं दौड़कर वहां पहुंचा जहां पर पेड़ को काटने के लिए रस्सी तथा आरी रखी हुई थी।
मैं एक भारी पत्थर लेकर आरी के नुकीले नोको को मोड़ दिया। अब इस आरी से पेड़ नहीं काटा जा सकता
था। तथा रस्सी को भी दूर फेक आया।
फिर भाग कर पीपल के पास पहुंचा और उस उनसे गले लग गया और बोला कि मैं आपको किसी को काटने
नहीं दूंगा
तभी तेज हवा चली और ढेर सारी पीपल की पत्तियां मेरे सर के ऊपर से होते हुए पीठ को टच करते हुए
जमीन पर गिर पड़ी। मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मानो पीपल बाबा ने मेरे बालों पर हाथ फेरा हो और मेरी
पीठ को सहलाया।
उसी वक्त मन में ठान लिया था कि मैं इस पेड़ को कटने दूंगा और मैं घर चला आया।
मैं पूरी रात नहीं सो पाया , रात भर यह सोचता रहा कि कैसे बचाऊ पहले इस पीपल के पेड़ को
फिर बाद में और भी पेड़ों को।
जैसे ही सुबह के 5:00 बजे मैं भाग कर पार्क में गया क्योंकि मैं जानता था कि सोसाइटी के सभी बड़े - बुजुर्ग
पार्क में सुबह -सुबह टहलने आते हैं। मैंने वहां सबको इकट्ठा किया फिर अपने और पीपल के पेड़ के बीच
की सारी बातें सब को बताई और सब से अनुरोध किया कि इस पेड़ को कटने ना दें।
सब ने मेरा साथ दिया क्योंकि वहां सब लोग सच्चाई को समझ गए थे जो पीपल के पेड़ ने मुझे समझाया था।
हम सब लोग मिलकर उस व्यक्ति के पास गए जिसने उस प्लाट को खरीदा था।
उसे भी समझाया वो भी मान गया कि वो पेड़ नहीं कटेगा।
और इस तरह हम सब ने मिलकर पीपल के पेड़ को कटने से बचा लिया
और हम सब ने वहां वादा किया कि आज से पेड़ नहीं काटेंगे और ज्यादा से ज्यादा पेड़ो को लगाएंगे।
अब तो मैं रोज़ कुछ समय पीपल बाबा के साथ बिताता हूं।
दिल को बहुत सुकून मिलता है
और उनको चिढ़ाता भी हूँ कि बच्चे को बुलाऊं क्या?
यह कहकर मैं खूब हसता हूं।
फिर पीपल से आवाज आती है टहनी गिराऊ क्या?
ये बोल कर वो भी खूब हसते हैं।
और फिर तेज़ हवा चलती है पत्तियां अपने मौज में लहराने लगती हैं।।
Thank u Namah Shivay.....
आलोक रंजन यादव.....