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कल जब मैं मर जाऊँगा (#Aalokry)

कल जब मैं मर जाऊँगा। तब तुम मेरे लिए आंसू बहाआगे  पर मुझे पता नही चलेगा तो  उसके बजाय  आज तुम मेरी इम्पॉर्टन्टस को महसूस क...

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10 July 2020

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शिवयोग ऐप सब्सक्रिप्शन कैसे खरीदें ||
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नीचे आप AaloKS चैनल की और भी दूसरी विडियो देख सकते है .....

बुरे वक़्त में हमेशा अपने ही काम आते हैं || it's True ||


तुम बस अपने आप से मत हारना ॥ You just don't give up on yourself https://www.youtube.com/watch?v=M98zf...

वक़्त बहुत अच्छा जवाब देता है ||Heart Touching Motivational Video||


माँ का सम्मान कब कम होता है || It's True ||

वो बेटा कैसा बेटा है ? जिसके सामने माँ बाप की बेज्जती हो जाए और वो चुप रहे ||Heart Touching Video
https://www.youtube.com/watch?v=zIheU... दुआ कब कबूल होती है || Dua kab Qubool hoti hai || https://www.youtube.com/watch?v=0LGan... जब आप खुश होते है तो आप उसे याद करते है https://www.youtube.com/watch?v=mqfHo... कहाँ आपका ना होना ही बेहतर है...|| https://www.youtube.com/watch?v=QiJMZ... How to open blocked websites in mobile, मोबाइल में ब्लॉक्ड वेबसाइट कैसे खोलें https://www.youtube.com/watch?v=w6PRc... बिना Watermark वाले TikTok Video कैसे डाउनलोड करे https://www.youtube.com/watch?v=Vj1ga... अगर आपका मूड खराब है तो ये आपके लिए है .... https://www.youtube.com/watch?v=aV9-O... ===========================================================

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16 December 2019

कभी कभी हम सब लोग जो बोलते है , उसका असली मतलब हम सब के दिल में शायद ये ही चलता है ...

कभी कभी हम सब लोग जो बोलते है , उसका असली मतलब हम सब के दिल में शायद ये ही चलता है ...

शब्द
असली अर्थ
आप कैसे हैं?
जवाब में सिर्फ अच्छाकहना; फालतू बातें सुनने का समय नहीं है
हम यह काम करेंगे
तुम यह काम करोगे
तुम बहुत अच्छा काम करते हो
तुम पर काम का और ज्यादा बोझ लादा जाएगा
इसे कल कर दूँगा
इसके होने की उम्मीद मत रखो
मौसम कितना अच्छा है
मेरा मकसद तो आपसे बातचीत शुरू करना है; मौसम तो सिर्फ बहाना है
हमारे बीच थोड़ी गलतफहमी है
मैं बताता हूँ कि आपको कहाँ गलतफहमी हुई है
फुरसत मिलते ही करता हूँ
कभी नहीं करूँगा
बस दो शब्द कहूँगा
दो हजार भी हो सकते हैं
क्या आपके पास एक मिनट का समय है
एक मिनट तो सिर्फ कहने की बात है। मैं तो आपको तब तक नहीं छोडूँगा, जब तक कि मेरी पूरी समस्या न सुलझ जाए
आपका सूट बहुत अच्छा लग रहा है
लेकिन आप अच्छे नहीं लग रहे हैं

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28 December 2018

अगर अपने सपनों के लिए काम करेंगे

अगर अपने सपनों के लिए काम करेंगे, तो आपको कभी भी थकान महसूस नहीं होगा, 

और न ही कभी घड़ी पर ध्यान जाएगा की कितने घंटे मैंने काम किए,
बस
इतना समझ लें की जो काम आप बिना रुचि वाले क्षेत्र में करेंगे, उसके तुलना में ज्यादा अच्छा काम आप अपने रुचि वाले क्षेत्र में करेंगे.... #Aalokry #AalokDD  #AalokGKS


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31 May 2018

अपनो को मत भूलो

Aalok Di Diary
सब लोगों से संबंध बनाओ, लेकिन 
साथ में अपनो को मत भूलो, उनका महत्व ही अलग है
क्योंकि 


अंतिम समय कंधा वही देते हैं 
बाकि लोग तो कार से सीधे शमशान घाट पहुंच जाते हैं....#AalokDD #Aalokry

LOVE


मोहब्बत मांगी नहीं जाती
की जाती है, दी जाती है, 
निभाई जाती है, 
और 
कभी-कभी हो जाती है, 
और 
कभी-कभी खो जाती है....

26 May 2018

माता पिता को कभी यह एहसास मत होने दो कि वह रह तो रहे हैं बेटों के घर में मगर वैसे नहीं, जैसे बेटे रहते थे उनके घर में.... #AalokDD #Aalokry


माता पिता को कभी 
यह एहसास मत होने दो 
कि वह 
रह तो रहे हैं बेटों के घर में 
मगर वैसे नहीं,
जैसे बेटे रहते थे उनके घर में....

12 May 2018

मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं

मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं..............
बिस्तरों पर अब सलवटें नहीं पड़ती
ना ही इधर उधर छितराए हुए कपड़े हैं
रिमोट के लिए भी अब झगड़ा नहीं होता
ना ही खाने की नई नई फ़रमायशें हैं
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*................
सुबह अख़बार के लिए भी नहीं होती मारा मारी
घर बहुत बड़ा और सुंदर दिखता है
पर हर कमरा बेजान सा लगता है
अब तो
वक़्त काटे भी नहीं कटता
बचपन की यादें कुछ दिवार पर फ़ोटो में सिमट गयी हैं
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*...............
अब मेरे गले से कोई नहीं लटकता
ना ही
घोड़ा बनने की ज़िद होती है
खाना खिलाने को अब चिड़िया नहीं उड़ती
खाना खिलाने के बाद की तसल्ली भी अब नहीं मिलती
ना ही रोज की बहसों और तर्कों का संसार है
ना अब झगड़ों को निपटाने का मजा है
बजट की खींच तान भी अब नहीं है
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*.............
पलक झपकते ही जीवन का स्वर्ण काल निकल गया
पता ही नहीं चला इतना ख़ूबसूरत अहसास कब पिघल गया
तोतली सी आवाज़ में हर पल उत्साह था
पल में हँसना पल में रो देना
बेसाख़्ता गालों पर उमड़ता प्यार था
कंधे पर थपकी और गोद में सो जाना
सीने पर लिटाकर वो लोरी सुनाना
बार बार उठ कर रज़ाई को उड़ाना
अब तो बिस्तर बहुत बड़ा हो गया है
मेरे बच्चों का प्यारा बचपन कहीं खो गया है
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*............
अब कोई जुराबे इधर उधर नहीं फेंकटा है.
अब fridge भी घर की तरह खाली रे‍हता है
बाथरूम भी सूखा रे‍हता है
Kitchen हर दम सिमटा रे‍हता है
अब हर घंटी पर लगता है कि श्‍यद कोई surprise है
अब तो रोज सुबह शाम मेरी सेहत फोन पर पूँछते हैं
मुझे अब आराम की हिदायत देते हैं
पहले हम उनके झगड़े निपटाते थे
आज वे हमें समझाते हैं
लगता है अब शायद हम बच्चे हो गए हैं
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*....#AalokDD #Aalokry

02 May 2018

हाथ की पांच उंगलिया

हाथ की पांच उंगलिया:-
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हमारे हाथ की पांचो उंगलिया शरीर के अलग अलग अंगों से जुडी होती है | इसका मतलब आप को दर्द नाशक दवाइयां खाने की बजाए इस आसान और प्रभावशाली  तरीके का इस्तेमाल करना चाहिए | आज इस लेख के माध्यम  से हम आपको बताऐंगे कि शरीर के किसी हिस्से का दर्द सिर्फ हाथ की उंगली को रगड़ने से कैसे दूर होता है |

हमारे हाथ की अलग अलग उंगलिया अलग अलग बिमारियों और भावनाओं से जुडी होती है | शायद आप को पता न हो, हमारे हाथ की उंगलिया चिंता, डर और चिड़चिड़ापन दूर करने की क्षमता रखती है | उंगलियों पर धीरे से दबाव डालने से शरीर के कई अंगो पर प्रभाव पड़ेगा |

*1. अंगूठा:-
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हाथ का अंगूठा हमारे फेफड़ो से जुड़ा होता है ।अगर आपके दिल की धड़कन तेज है तो हल्के हाथों से अंगूठे पर मसाज करें और हल्का सा खींचे ।इससे आप को आराम मिलेगा |

*2. तर्जनी:-
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ये उंगली आंतों  (gastro intestinal tract) से जुडी होती है | अगर आप के पेट में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा रगड़ें , दर्द गायब हो जायेगा।

*3. बीच की उंगली:-
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ये उंगली परिसंचरण तंत्र तथा circulation system से जुडी होती है | अगर आप को चक्कर आ रहा है या  आपका जी घबरा रहा है तो इस उंगली पर मालिश करने से तुरंत रहत मिलेगी |

*4. तीसरी उंगली:-
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ये उंगली आपकी मनोदशा से जुडी होती है ।अगर किसी कारण  आपकी मनोदशा अच्छी नहीं है या शांति चाहते हो तो इस उंगली को हल्का सा मसाज करे और खींचे, आपको जल्द ही इस के अच्छे नतीजे प्राप्त हो जाएंगे, आप का मूड खिल उठे गा।

*5. छोटी उंगली:-
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छोटी उंगली का किडनी और सिर के साथ सम्बन्ध होता है | अगर आप को सिर में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा दबाये और मसाज करे, आप का सिर दर्द गायब हो जायेगा | इसे मसाज करने से किडनी भी तंदरुस्त रहती  है..... #Aalokry #AalokDD




28 November 2017

Struggle


जिन्होंने आपका Struggle देखा है, सिर्फ वही आपकी कामयाबी की कीमत जानते है...
औरों के लिए,
You are just a lucky person.....#Aalokry

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जीवन में दुख तब आता है जब तुमने कभी गलती की हो....#Aalokry


जीवन में दुख तब आता है जब 

तुमने कभी गलती की हो....#Aalokry
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25 July 2017

Maa ki Mahima Sab Hain Sunate Main Batlau Kya Hai Pita


माॅ की महिमा सब ही सुनाते मैं बतलाऊं क्या है पिता...
रोटी-कपड़ा और मकान परिवार का सारा जहाॅ है पिता...
पिता है संग तो हर बाजार के सारे खिलौने अपने हैं...
पिता से ही तो हर बच्चे के होते हजारों सपने हैं... बच्चों की हर आशा और खुशियों का है इंतजार पिता...
प्यार पिता का होता है गूंगा दुनिया समझ ना पाती है...
माॅ की महिमा सब ही सुनाते मैं बतलाऊं क्या है पिता... माॅ की ममता छलक छलक कर सबको ही दिख जाती है... कर सको तो महसूस करो नहीं दिखता है ऐसा प्यार पिता...
माॅ की बिंदी और सुहाग ममता का है आधार पिता...
माॅ की महिमा सब ही सुनाते मैं बतलाऊं क्या है पिता... पिता से ही तो माॅ को अपना एक अलग परिवार मिला... पिता से ही तो माॅ को माॅ कहलाने का अधिकार मिला... माॅ की महिमा सब ही सुनाते मैं बतलाऊं क्या है पिता...
माॅ की महिमा सब ही सुनाते मैं बतलाऊं क्या है पिता...
सबकी जरूरत सबकी खुशियाॅ सोचे वो बंधन है पिता... क्या होगा कब कैसे होगा हर पल का चिंतन है पिता...
'अंकुश' बच्चों की खातिर अपने सुख भूले वो है पिता.....#Aalokry

08 July 2017

किस्सा रफ़ काॅपी का


===== किस्सा रफ़ काॅपी का=====

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हर सब्जेक्ट की काॅपी अलग अलग बनती थी,
परंतु एक काॅपी ऐसी थी जो हर सब्जेक्ट को सम्भालती थी।
उसे हम रफ़ काॅपी कहते थे।

यूं तो _*रफ़ काॅपी*_ का मतलब खुरदुरा होता है।

परंतु वो _*रफ़ काॅपी*_ हमारे लिए बहुत कोमल होती थी।

कोमल इस सन्दर्भ में कि उसके पहले पेज पर हमें कोई इंडेक्स नहीं बनाना होता था, न ही शपथ लेनी होती थी कि, इस काॅपी का एक भी पेज नहीं फाडे़ंगे या इसे साफ रखेंगे।

उस काॅपी पर हमारे किसी न किसी पसंदीदा व्यक्तित्व का चित्र होता था।

उस काॅपी के पहले पन्ने पर सिर्फ हमारा नाम होता था और आखिरी पन्नों पर अजीब सी कला कृतियां, राजा मंत्री चोर सिपाही या फिर पर्ची वाले क्रिकेट का स्कोर कार्ड।

उस *_रफ़ काॅपी_* में बहुत सी यादें होती थी।

जैसे अनकहा प्रेम,
अनजाना सा गुस्सा,
कुछ उदासी,
कुछ दर्द,

हमारी _*रफ काॅपी*_में ये सब कोड वर्ड में लिखा होता था 
जिसे कोई आई एस आई 
या 
सी आई ए डिकोड नहीं कर सकती थी।

उस पर अंकित कुछ शब्द, कुछ नाम कुछ चीजें ऐसी थीं, जिन्हें मिटाया जाना हमारे लिए असंभव था।

हमारे बैग में कुछ हो या न हो वो रफ़ काॅपी जरूर होती थी। आप हमारे बैग से कुछ भी ले सकते थे पर वो _*रफ़ काॅपी*_ नहीं।

हर पेज पर हमने बहुत कुछ ऐसा लिखा होता था जिसे हम किसी को नहीं पढ़ा सकते थे।

कभी कभी ये भी होता था कि उन पन्नों से हमने वो चीज फाड़ कर दांतों तले चबा कर थूक दिया था क्योंकि हमें वो चीज पसंद न आई होगी।

समय इतना बीत गया कि, अब काॅपी ही नहीं रखते हैं।

रफ़ काॅपी जीवन से बहुत दूर चली गई है,

हालांकि अब बैग भी नहीं रखते हैं कि _*रफ़ काॅपी*_ रखी जाए।

वो खुरदुरे पन्नों वाली *_रफ़ काॅपी_* अब मिलती ही नहीं।

हिसाब भी नहीं हुआ है बहुत दिनों से, न ही प्रेम का न ही गुस्से का, यादों की गुणा भाग का समय नहीं बचता।

अगर कभी वो _*रफ़ काॅपी*_ मिलेगी उसे लेकर बैठेंगे,

फिर से पुरानी चीजों को खगांलेगें,

हिसाब करेंगे और
आखिरी के पन्नों पर राजा, मंत्री, चोर, सिपाही खेलेंगे। 

वो 'नटराज' की पेन्सिल, वो 'चेलपार्क' की स्याही, वो महंगा 'पायलेट' का पेन और जैल पेन की लिखाई।

वो सारी ड्राइंग, वो पहाड़, वो नदियां, वो झरने, वो फूल, लिखते लिखते ना जाने कब ख़त्म......#Aalokry

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04 July 2017

Waqt


अपने खिलाफ बातें 
मैं अक्सर ख़ामोशी से सुनता हूं 
क्यो कि
जवाब देने का हक़ 
मैंने वक़्त को दे रखा है.....#Aalokry

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19 June 2017

जब सकारात्मक ऊर्जा कम होती है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है

जब सकारात्मक ऊर्जा कम होती है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है तो बात बिगडना शुरू हो जाती है, और जब बात बिगड़ती है तो मनुष्य और ज्यादा शिकायत करता है, रोता है, बिलखता है और दुखी होता है जिससे मुश्किल भी और ज्यादा बढ़ जाती है।
मेरा बाबा कहता है कि अगर कोई बात बिगड़ भी जाय तो रोना नहीं, दुखी नहीं होना बल्कि तुरंत उस शिवा को सुमिरना शुरू कर देना जिससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाएगी और देखना बात बननी शुरू हो जाएगी।
नम: शिवाय
अगर किसी के संचित कर्म पवित्र और शुद्ध है तो उसकी दृष्टि भी उतनी ही पवित्र होगी, उसके आसपास का वातावरण भी आनन्द से भरा होगा।
और जिस मनुष्य के संचित कर्म भारी होंगे तो उसको हर चीज़ बुरी दिखाई देगी, और उसके जीवन में अचानक कष्ट आते रहते है जो जीवन को असहाय बना देते हैं।।
आपकी सोच और विचारों के वार्तालाप को प्रकृति एक भौतिक रूप देती है। परन्तु आपके संचित कर्म आपकी बुद्धि को पकडते हैं जिसके अनुरूप आप सकारात्मक एवं नकारात्मक सोचते हैं।
सिर्फ साधना एवं निस्वार्थ सेवा पिछले बुरे कर्मों को निष्क्रिय करती है और शुभ कर्म पैदा कर सकती है।
नम: शिवाय
जब प्राण शक्ति कमजोर होती है तो मन अशान्त, चिडचिडा, और क्रोधी हो जाता है। और मनुष्य निस्तेज हो जाता है।
और जब प्राण शक्ति का प्रवाह उत्तम हो जाता है तब मनुष्य एकदम आनंदित और तेजोमय हो जाता है।
प्राण शक्ति के उत्तम प्रवाह के लिये शिव साधना सव्रोत्तम है।
नम: शिवाय
आप एक किरायेदार हो। आपका शरीर किराये का मकान है, इस मकान का असली मालिक काल है। एक दिन इस मकान का मालिक बिना सूचना के आएगा और आपको इससे बाहर निकाल देगा, और आप खड़े खड़े देखते रह जाओगे। तो क्यों ना इससे पहले ही इस मकान में रहकर निष्काम सेवा और साधना करके सांसारिक एवं आध्यात्मिक सफलता प्राप्त करली जाय। इसके साथ साथ शिव शिवा का श्रवण, संकीर्तन और मनन करलो तो इस आवागमन से मुक्ति मिल जाए।
नम: शिवाय
किसी के बारे में एक बार भी बुरा चाहना, आपके हजारों पुण्यों को श्रनभर में समाप्त कर देता है जो पतन का कारण बनता है।
और सभी के बारे में अच्छा, शुभ चाहने मात्र से भी पुण्य जागृत होते है जिनसे भाग्योदय होता है। जो भौतिक एवं आध्यात्मिक सुख देता है।
नम: शिवाय
अपने परिवार में किसी को दुखी नहीं करना,
अपने परिवार में किसी की आलोचना नहीं करना,
अपने परिवार में किसी को कष्ट नहीं देना।
आपका परिवार एक आत्म समूह है, इस शरीर को धारण करने से पहले आत्मा विचार करती है कि पिछले जन्मों में जो बिना सुलझे मसले रह गए हैं वह इस जन्म में आपके साथ रहकर सुलझाने हैं।
इसीलिए परिवार के सभी सदस्यों को प्रेम देना, और उनको स्वीकार करना, ऐसा करने से बहुत तेजी से आध्यात्मिक उन्नति होती है ।
नम: शिवाय
मैं जिसके बारे में सोचूंगा या जिसका नाम लूंगा, तुरंत मेरा मन उससे जुड जायेगा, और हम दोनों की ऊर्जा के बीच में एक पुल बन जायेगा, फिर उसकी ऊर्जा मेरी तरफ आयेगी और मेरी ऊर्जा उसकी तरफ जायेगी। कुछ समय के बाद हम दोनों की ऊर्जा बराबर हो जायेगी।
इसीलिए हमेशा दिव्य पुरुष (गुरु) के बारे में ही सोचना तो एक दिन आप और वह दिव्य पुरुष एक (अद्वैत) हो जाओगे।
क्या आप ने कभी अपने आपको देखा कि आप किस (अच्छा या बुरा) के बारे में सोचते हैं।
नम: शिवाय..... #Aalokry



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