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कल जब मैं मर जाऊँगा (#Aalokry)

कल जब मैं मर जाऊँगा। तब तुम मेरे लिए आंसू बहाआगे  पर मुझे पता नही चलेगा तो  उसके बजाय  आज तुम मेरी इम्पॉर्टन्टस को महसूस क...

04 July 2018

कब पर्सनल लोन लेना बेवकूफी है?


कब पर्सनल लोन लेना बेवकूफी है?


पर्सनल लोन एक असंरक्षित लोन (unsecured loan) होता है| इसलिए ब्याज दर भी काफी ज्यादा होती है| अब लोन का भुगतान भी आपको ही करना है|

इसलिए हर स्तिथि में पर्सनल लोन लेना अच्छा विकल्प नहीं है| इस पोस्ट में मैं चर्चा करूंगा की कब पर्सनल लोन अच्छा विकल्प है और कब नहीं| साथ की यह भी देखेंगे की कब पर्सनल लोन लेना बेवकूफी होगा| ====== पर्सनल लोन लेना कब एक अच्छा विकल्प हैं? =======
जब आपके पास कोई बहुत ही महंगा लोन चल रहा हो, तो उस लोन को खत्म करने की लिए पर्सनल लोन लेना एक अच्छा विकल्प है| जैसे की आपके क्रेडिट कार्ड पर काफी सारी राशि बकाया है और आपको उस राशि का भुगतान करने में परेशान आ रही है, ऐसी स्तिथि में आप पर्सनल लोन ले सकते हैं|
# क्रेडिट कार्ड पर आपको तकरीबन 40-45% p.a. ब्याज तक देना पड़ सकता है| साथ ही पूरा भुगतान करना पर आपको ब्याज मुक्त क्रेडिट पीरियड भी नहीं मिलता| पर्सनल शायद आपको 12-18% p.a. की लागत पर मिल जाए| साथ ही क्योंकि पर्सनल लोन में EMI होती है, इसको देना थोडा आसान भी हो सकता है| कई बार बैंक भी आपको ऐसा करने का सुझाव देते हैं|
# किसी आपातकाल या अस्पताल के खर्चे के लिए पर्सनल लोन लेना| ऐसी स्तिथि में आप गणित नहीं लगा सकते| यहाँ भी पर्सनल लोन लेना कोई बुरा विकल्प नहीं है| पर हाँ हमेशा एक बात का ध्यान रखें| पर्सनल लोन भी चुकाना भी आपको ही पड़ेगा| ===== कब पर्सनल लोन लेना अच्छा आईडिया नहीं है? =====
# कहीं छुट्टी (vacation) पर जाने के लिए पर्सनल लोन लेना
# नया फ़ोन या गैजेट खरीदने के लिए पर्सनल लोन लेना
# घर की साज-सजावट (furnishing) के लिए पर्सनल लोन लेना
मेरे अनुसार इस सभी बातों के लिए आपको पहले से प्लान करना चाहिए और लोन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए| साथ ही इसके अलावा और भी बहुत सी बातें है, जिनके लिए पर्सनल लोन लेना कोई अच्छा विकल्प नहीं है| कुछ बातें आपकी ज़रुरत होती है और कुछ इच्छाएं होती हैं| ज़रुरत के लिए लोन लेना समझ में आता है, इच्छायों के लिए नहीं| मेरे अनुसार चिकित्सा की लिए खर्चा आपकी ज़रुरत है, एक नया और महंगा फ़ोन लेना आपकी इच्छा| दोनों में अंतर करना सीखें| आप शायद इन बातों से सहमत न हो| और वैसे भी ज़िन्दगी में मौकों की अहमियत लोगों के लिए अलग हो सकती है| हाँ, बस एक सुझाव हैं, वास्तविकता को पूरी तरह दरकिनार न करें| यार अब जिस स्तिथि पर चर्चा करेंगे, उस स्तिथि में पर्सनल लोन लेना किसी बेवकूफी से कम नहीं है| " मैंने कई बार देखा है की लोगों के पास बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट होता है और इस इसके बावजूद वह लोग पर्सनल लोन लेने की बात करते हैं|" मान लिए आपके पास 50,000 रुपये की एक FD है| किसी वजह से आपको उस समय 50,000 की ज़रुरत भी है| ऐसी स्तिथि में पर्सनल लोन लेने की बजाय FD को तोडना एक बेहत विकल्प होगा| ऐसा इसलिए क्योंकि फिक्स्ड डिपाजिट पर आपको 6-8% p.a. का ब्याज मिलेगा| इस ब्याज पर भी आपको टैक्स देना होगा| इसके विपरीत पर्सनल लोन पर आपको 12-18% p.a. तक का ब्याज देना पड़ सकता है| तो देखें तो आपको 5-7% (टैक्स बे बाद) का ब्याज मिल रहा है और आप 12-18% दे रहे है| हुआ न बेवकूफी| और यह केवल फिक्स्ड डिपाजिट के साथ ही नहीं है| कोई भी ऐसा निवेश जो की बिना किसी पेनल्टी (या कम पेनल्टी) के साथ आसानी से बेचा जा सकता है| हाँ, उस निवेश को बेचने पर आपको टैक्स देना पड़ सकता है, तो इस बात का भी ध्यान रखें| # कई बार लोग अपना पैसा शेयर बाज़ार में रहने देते हैं और ज़रुरत के लिए पर्सनल लोन लेने की सोचते है| एक बात कभी न भूलें, शेयर बाज़ार में इस बात की कोई गारंटी नहीं है की आपको अच्छे रिटर्न मिलेंगे| पर पर्सनल लोन में एक बात की गारंटी है की आपको काफी ऊंचा ब्याज देना होगा| तो मेरे अनुसार आपको ज़रुरत पड़ने पर अपने शेयर बेच देने चाहिए| मैंने यह भी देखा है की लोग पर्सनल लोन लेकर उस राशि को शेयर बाज़ार में निवेश करने की सोचते हैं| इससे बड़ी बेवकूफी तो हो ही नहीं सकती| साथ ही अगर आपके पास कोई एलाईसी पालिसी है या PPF खाता है, तो वहां से भी आप लोन ले सकते हैं| ब्याज दर अनुमान पर्सनल लोन से कम होगी| मेरी राय:-
पर्सनल लोन की सहायता से आप आसानी से और जल्दी पैसे पा सकते हैं| और कई मामलों में यह काफी लाभकारी भी हो सकता है| परन्तु सोच समझकर इस सुविधा का लाभ उठाएं| लोन का भुगतान भी आपको ही करना है| अपनी वित्तीय वास्तविकता से दूर न रहे| अगर समझदारी से काम नहीं लेंगे, तो बादे में आपको परेशानी हो सकती है|....#AalokDD #Aalokry


03 July 2018

मार्कशीट लोन ? Marksheet Loan?


मार्कशीट लोन क्या है? 

विभिन्न प्रकार के लोन के बारे में जानने के लिए जब मैंने गूगल किया, तो मेरे सामने मार्कशीट लोन का नाम सामने आया| मुझे मार्कशीट लोन के बारे में जान्ने में जिज्ञासा हुई|
मेरा निष्कर्ष यह है की मार्कशीट लोन (marksheet loan) नाम का कोई भी लोन उत्पाद नहीं होता| मैंने बहुत सारे लेख पढ़े और विभिन्न बैंक की वेबसाइट पर भी गया

मार्कशीट लोन नाम को कोई लोन उत्पाद नहीं है


जो भी marksheet loan बारे में लिख रहा है, वह केवल आपको बेवकूफ बना रहा है
अगर आपकी मार्कशीट पर 5 लाख रुपये के लोन मिलता होता, तो सरकार को प्रधान मंत्री मुद्रा योजना शुरू करने की क्या ज़रुरत थी|
आप किसी छलावे में ना आयें|
मार्कशीट लोन का नाम सुनकर आपको ऐसा लगेगा जैसे की आप अपनी दसवीं (10th) या बारहवी (12th) क्लास की मार्कशीट जमा कर के लोन ले सकते हैं| ऐसा नहीं होता| कोई भी बैंक आपकी मार्कशीट का जमा करके लोन नहीं देता| सुनने में ही सब कुछ छलावा लगता है| भला बैंक आपकी मार्कशीट का क्या करेगा?
कई जगह ऐसा भी लिखा हुआ था की आप 10वीं की मार्कशीट जमा करके अपने व्यवसाय इत्यादि के लिए मार्कशीट लोन ले सकते हैं| ऐसा नहीं है| मैं मानता हूँ की आपको लोन देते समय बैंक आपकी पढाई की बारे में जानकारी मांगे| परन्तु यह सोचना बेवकूफी है की बैंक आपको 10th क्लास की मार्कशीट देखकर लोन दे देंगे|

मार्कशीट लोन या एजुकेशन लोन

एक जगह मैंने पढ़ा की मार्कशीट लोन एजुकेशन लोन (शिक्षा लोन) का दूसरा नाम है| वैसे किसी भी बैंक की वेबसाइट पर ऐसी कोई जानकारी नहीं थी| परन्तु अगर यह बात सही है, तो एजुकेशन लोन केवल पढाई के लिए मिलता है (और न व्ययसाय के लिए)|
मार्कशीट लोन के चक्कर में न पड़ें
जैसे की ऊपर लिखा है, मार्कशीट नाम को कोई लोन नहीं होता|...#AalokDD #Aalokry

ब्याज पर आपको कितना टैक्स देना होता है ? How is Interest Income from Investments taxed?


ब्याज पर आपको कितना टैक्स देना होता है ? 



इस बात पर भी गौर करें  की कई बार आपको interest मिलने से पहले ही टैक्स काट लिया जाता है| इसे Tax Deduction at Source भी कहते हैं|
mysweetddiary.blogspot.com

जहाँ भी आपको ब्याज़ (interest) पर टैक्स देना है, वहां पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट (tax slab) के अनुसार टैक्स देना होगा|

म्यूच्यूअल फण्ड (mutual fund) और NPS में कभी interest नहीं मिलता| यह निवेश फिक्स्ड रिटर्न नहीं देते| आपको market linked (मार्केट लिंक्ड) रिटर्न मिलते हैं|

TDS कैसे बचा सकते हैं?
बैंक TDS तभी काटते है की जब आपकी interest income (ब्याज की आय) एक लिमिट से ज्यादा होती है| जैसे की बैंक FD पर तभी TDS काटते हैं, जबकि आपका बैंक में कुल FD का ब्याज उस वर्ष में 10,000 रुपये से ज्यादा हो जाए|
ध्यान रखें की TDS कटने से आपकी टैक्स liability ख़तम नहीं हो जाती| जैसे की, बैंक केवल ब्याज का 10% ही TDS काटेगा (PAN जमा न करने पर 20%)| पर अगर आप 30% टैक्स ब्रैकेट (tax slab) में हैं, तो बचा हुआ टैक्स आपको अलग से भरना होगा|
अगर किसी कारण ज्यादा TDS कट जाता है, तो आप income tax return भर कर अतिरिक्त टैक्स का रिफंड (refund) ले सकते हैं|
TDS बचाने का सवाल तभी उठता है की जब आपकी पूरे वर्ष की आय 2.5 लाख से कम हो| 60 वर्ष के ऊपर यह लिमिट 3 लाख और 80 साल के ऊपर 5 लाख रुपये हो जाती है|
अगर आपकी आय लिमिट से कम है, तो आप फॉर्म 15G/15H बैंक में जमा करके TDS कटने से बचा सकते हैं|

31 May 2018

अपनो को मत भूलो

Aalok Di Diary
सब लोगों से संबंध बनाओ, लेकिन 
साथ में अपनो को मत भूलो, उनका महत्व ही अलग है
क्योंकि 


अंतिम समय कंधा वही देते हैं 
बाकि लोग तो कार से सीधे शमशान घाट पहुंच जाते हैं....#AalokDD #Aalokry

LOVE


मोहब्बत मांगी नहीं जाती
की जाती है, दी जाती है, 
निभाई जाती है, 
और 
कभी-कभी हो जाती है, 
और 
कभी-कभी खो जाती है....

27 May 2018

Principles of Shiv Yog Cure Is Possible

*** Principles of Shiv Yog Cure Is Possible ***

# Based on quantum physics, all matter is made up of energy and energy is made up of vibrations.

# Every human body (including the organs, cells, atoms, and sub-atomic particles of an individual) has its own frequency.

# Further, every human being has five bodies – physical body, energy body, mind-body, causal body, and super-casual body; all these five bodies have their own frequencies.

# An individual’s thoughts have their own frequencies and thoughts are affected by the psychic impressions (residue of past traumas and negative situations – emotional and etheric toxins) stored in the causal body.

# An individual’s cells resonate with the frequency of that individual’s emotions (state of mind) which are in turn controlled by thoughts.

# When these frequencies go below a certain level, the individual manifests a disease. At higher frequencies, the individual experiences excellent health.

# Energy exchange between individuals is a fact of nature – an individual can raise the frequency of another individual by transferring positive energy.

# The human body is capable of producing the medicine needed for a cure from within, at healthy frequencies.

By detoxifying the patient of physical, emotional, and etheric toxins and raising cellular frequencies, it is possible to achieve a cure.

Physicians can be taught how to detoxify themselves at multiple levels and to raise their own vibrational frequencies so high that they become the living medicine that the patient needs for the cure. Physicians can also be trained to transfer to patients the knowledge and practice of cosmic yogic techniques as well as mental and emotional attitudes for lasting good health.



26 May 2018

माता पिता को कभी यह एहसास मत होने दो कि वह रह तो रहे हैं बेटों के घर में मगर वैसे नहीं, जैसे बेटे रहते थे उनके घर में.... #AalokDD #Aalokry


माता पिता को कभी 
यह एहसास मत होने दो 
कि वह 
रह तो रहे हैं बेटों के घर में 
मगर वैसे नहीं,
जैसे बेटे रहते थे उनके घर में....

12 May 2018

मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं

मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं..............
बिस्तरों पर अब सलवटें नहीं पड़ती
ना ही इधर उधर छितराए हुए कपड़े हैं
रिमोट के लिए भी अब झगड़ा नहीं होता
ना ही खाने की नई नई फ़रमायशें हैं
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*................
सुबह अख़बार के लिए भी नहीं होती मारा मारी
घर बहुत बड़ा और सुंदर दिखता है
पर हर कमरा बेजान सा लगता है
अब तो
वक़्त काटे भी नहीं कटता
बचपन की यादें कुछ दिवार पर फ़ोटो में सिमट गयी हैं
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*...............
अब मेरे गले से कोई नहीं लटकता
ना ही
घोड़ा बनने की ज़िद होती है
खाना खिलाने को अब चिड़िया नहीं उड़ती
खाना खिलाने के बाद की तसल्ली भी अब नहीं मिलती
ना ही रोज की बहसों और तर्कों का संसार है
ना अब झगड़ों को निपटाने का मजा है
बजट की खींच तान भी अब नहीं है
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*.............
पलक झपकते ही जीवन का स्वर्ण काल निकल गया
पता ही नहीं चला इतना ख़ूबसूरत अहसास कब पिघल गया
तोतली सी आवाज़ में हर पल उत्साह था
पल में हँसना पल में रो देना
बेसाख़्ता गालों पर उमड़ता प्यार था
कंधे पर थपकी और गोद में सो जाना
सीने पर लिटाकर वो लोरी सुनाना
बार बार उठ कर रज़ाई को उड़ाना
अब तो बिस्तर बहुत बड़ा हो गया है
मेरे बच्चों का प्यारा बचपन कहीं खो गया है
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*............
अब कोई जुराबे इधर उधर नहीं फेंकटा है.
अब fridge भी घर की तरह खाली रे‍हता है
बाथरूम भी सूखा रे‍हता है
Kitchen हर दम सिमटा रे‍हता है
अब हर घंटी पर लगता है कि श्‍यद कोई surprise है
अब तो रोज सुबह शाम मेरी सेहत फोन पर पूँछते हैं
मुझे अब आराम की हिदायत देते हैं
पहले हम उनके झगड़े निपटाते थे
आज वे हमें समझाते हैं
लगता है अब शायद हम बच्चे हो गए हैं
*मेरे बच्चे अब बड़े हो गए हैं और हम अकेले हो गए हैं*....#AalokDD #Aalokry

02 May 2018

हाथ की पांच उंगलिया

हाथ की पांच उंगलिया:-
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हमारे हाथ की पांचो उंगलिया शरीर के अलग अलग अंगों से जुडी होती है | इसका मतलब आप को दर्द नाशक दवाइयां खाने की बजाए इस आसान और प्रभावशाली  तरीके का इस्तेमाल करना चाहिए | आज इस लेख के माध्यम  से हम आपको बताऐंगे कि शरीर के किसी हिस्से का दर्द सिर्फ हाथ की उंगली को रगड़ने से कैसे दूर होता है |

हमारे हाथ की अलग अलग उंगलिया अलग अलग बिमारियों और भावनाओं से जुडी होती है | शायद आप को पता न हो, हमारे हाथ की उंगलिया चिंता, डर और चिड़चिड़ापन दूर करने की क्षमता रखती है | उंगलियों पर धीरे से दबाव डालने से शरीर के कई अंगो पर प्रभाव पड़ेगा |

*1. अंगूठा:-
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हाथ का अंगूठा हमारे फेफड़ो से जुड़ा होता है ।अगर आपके दिल की धड़कन तेज है तो हल्के हाथों से अंगूठे पर मसाज करें और हल्का सा खींचे ।इससे आप को आराम मिलेगा |

*2. तर्जनी:-
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ये उंगली आंतों  (gastro intestinal tract) से जुडी होती है | अगर आप के पेट में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा रगड़ें , दर्द गायब हो जायेगा।

*3. बीच की उंगली:-
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ये उंगली परिसंचरण तंत्र तथा circulation system से जुडी होती है | अगर आप को चक्कर आ रहा है या  आपका जी घबरा रहा है तो इस उंगली पर मालिश करने से तुरंत रहत मिलेगी |

*4. तीसरी उंगली:-
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ये उंगली आपकी मनोदशा से जुडी होती है ।अगर किसी कारण  आपकी मनोदशा अच्छी नहीं है या शांति चाहते हो तो इस उंगली को हल्का सा मसाज करे और खींचे, आपको जल्द ही इस के अच्छे नतीजे प्राप्त हो जाएंगे, आप का मूड खिल उठे गा।

*5. छोटी उंगली:-
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छोटी उंगली का किडनी और सिर के साथ सम्बन्ध होता है | अगर आप को सिर में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा दबाये और मसाज करे, आप का सिर दर्द गायब हो जायेगा | इसे मसाज करने से किडनी भी तंदरुस्त रहती  है..... #Aalokry #AalokDD