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कल जब मैं मर जाऊँगा (#Aalokry)

कल जब मैं मर जाऊँगा। तब तुम मेरे लिए आंसू बहाआगे  पर मुझे पता नही चलेगा तो  उसके बजाय  आज तुम मेरी इम्पॉर्टन्टस को महसूस क...

22 February 2015

अगर इंसान जानता कि उसकी सोच कितनी पावरफुल है तो वो कभी निगेटिव नहीं सोचता !



” अगर इंसान जानता कि उसकी सोच कितनी पावरफुल है तो वो कभी 

निगेटिव नहीं सोचता !”.............................

जैसे ही आपके मन में विचार आये … “दुनिया बहुत बुरी है ” तो आप इतना कह कर या सोच कर रुके नहीं … तुरंत realize करें कि आपने एक negative sentence बोला है और देर -सबेर ये आपको नुक्सान पहुंचा सकता है , इसलिए तुरंत alert हो जाएं और sentence को कुछ ऐसे पूरा करें
” दुनिया बहुत बुरी है… लेकिन अब चीजें बदल रही हैं , बहुत से अच्छे लोग समाज में अच्छाई का बीज बो रहे हैं और सब ठीक हो रहा है “
कुछ और examples देखते हैं :
“मैं पढ़ने में कमजोर हूँ… लेकिन अब मैंने मेहनत शुरू कर दी है और जल्द ही मैं पढ़ाई में भी अच्छा हो जाऊँगा .”
“मेरा boss बहुत #%$% है … पर धीरे -धीरे वो बदल रहे हैं और उनको knowledge भी बहुत है ,मुझे काफी कुछ सीखने को मिलता है उनसे …”
“मेरे पास पैसे नहीं हैं … लेकिन मुझे पता है मेरे पास बहुत पैसा आने वाला है , इतना कि न मैं सिर्फ अपने बल्कि अपने अपनों के भी सपने पूरे कर सकूँ। “
मेरे साथ हमेशा बुरा होता है … लेकिन मैं देख रहा हूँ कि पिछले कुछ दिनों से सब अच्छा अच्छा ही हो रहा है, और आगे भी होगा ….”
फ्रेंड्स, यहाँ सबसे important बात है ये realize करना कि कब आपके मन में एक Negative thought आई है और तुरंत alert हो कर इसे “लेकिन ” लगा कर positive में convert कर देना. और ये आपको सिर्फ तब नहीं करना जब आप किसी के सामने बात कर रहे हों … सबसे अधिक तो आपको ये अकेले रहते हुए अपने साथ करना है … आपको अपनी सोच पर ध्यान देना है … aware रहना है कि आपकि thoughts positive हैं या negative और जैसे ही negative thought आये आपको तुरंत उसे positive में mould कर देना है .
और एक चीज आप इस बात की चिंता ना करें की आपने ‘लेकिन‘ के बाद जो लाइन जोड़ी है वो सही है या गलत , आपको तो बस एक सकारात्मक वाक्य जोड़ना है , और आपका subconscious mind उसे ही सही मानेगा और ब्रह्माण्ड आपके जीवन में वैसे ही अनुभव प्रस्तुत करेगा !
ये तो आसान लग रहा है !!
हो सकता है ये आपको बड़ा simple लगे , कुछ लोगों के लिए वाकई में हो भी , पर maximum लोगों के लिए thoughts को control करना और उनके प्रति aware रहना चैलेंजिंग होता है , इसलिए अगर आप इस तरीके को practice करते वक़्त कई बार negative thoughts को miss भी कर जाते हैं तो no need to worry… जैसे तमाम चीजों को practice से सही किया जा सकता है वैसे ही thoughts को भी practice से positive बनाया जा सकता है .........................
जैसा कि Maths में होता है negative और negative जब multiply होते हैं तो positive हो जाते हैं , ठीक वैसे ही हम इन शब्दों का प्रयोग negative sentences के अंत में करके उन्हें positive में convert कर सकते हैं.............@

वो सोचो जो चाहते हो वो नहीं जो नहीं चाहते हो......Thoughts become reality…

वो सोचो जो चाहते हो वो नहीं जो नहीं चाहते हो......
Thoughts become reality…
जब आप restaurant में खाने जाते हैं तो waiter से क्या कहते हैं ? “ मुझे एक कढाई पनीर , 2 garlic नान , और एक fried rice नहीं चाहिए ….” या फिर ,” मेरे लिए एक lime soda मत लाना ”
क्या आप ऐसे order देते हैं … कि मुझे ये -ये चीजें नहीं चाहियें . या ये बताते हैं कि आपको क्या -क्या चाहिए ??
Of course , हर कोई यही कहता है कि उसे क्या चाहिए , ये नहीं कि उसे क्या नहीं चाहिए … now suppose अगर हम waiter से कहते कि क्या नहीं चाहिए तो क्या वो हमारे मन की चीज ला कर दे पाता , क्या वो हमारे “नहीं चाहिए ” से ये interpret कर पाता कि हमें “ क्या चाहिए ”…नहीं कर पाता यही बात हमारी life में भी लागू होती है …ये ब्रह्माण्ड एक ऐसी अद्भुत जगह है जहाँ हमारी हर एक इच्छा पूरी हो सकती है.
कैसे ?
हमारी सोच से !
ये दरअसल एक law है जो किसी भी mathematical law की तरह perfect है , हम इसे law of attraction कहते हैं … इस बारे में मैं पहले भी बात कर चुका हूँ , इसलिए यहाँ मैं उन बातों को नहीं दोहराऊंगा …, बस आप इतना समझिये और मन में बैठा लीजिये कि आपकी सोच ही आपकी दुनिया का निर्माण करती है .
पर ऐसा है तो हर कोई वो क्यों नहीं पा लेता जो वो चाहता है ?
मुझे इसके दो basic reasons दिखते हैं :
हर कोई इस बात को लेकर clear नहीं है कि वो दरअसल चाहता क्या है।
और जिन्हें clear है वे इस बारे में प्रबलता से सोचते नहीं .
अगर आप पहले point पर ही अटकें हैं तो सबसे पहले इस बात की clarity लाइए कि आप चाहते क्या हैं ?एक बार जब आप इसे लेकर clear हो चुके हैं कि आप क्या चाहते हैं तो फिर बारी आती है उसे ब्रह्माण्ड से order करने की .
ब्रह्माण्ड से कैसे order कर सकते हैं ?
ब्रह्माण्ड से order करना बहुत आसान है …यहाँ हमारा order हमारी
सोच के through होता है …हम जो सोचते हैं उसे हमारा order मान लिया जाता है .
और यहीं हम order देने में वो गलती कर बैठते हैं जिसे हम restaurant में करने की सोच भी नहीं सकते !!
हम वो order नहीं करते जो हमें चाहिए बल्कि वो करते हैं जो नहीं चाहिए . बस यहाँ इतना सा अंतर है कि restaurant में waiter समझ जाता था कि जो नहीं चाहिए वो मत दो ….पर ब्रह्माण्ड इतना विशाल और शक्तिमान है कि वो बिना दिए नहीं रहता …उसे तो कुछ न कुछ देना है …इसलिए ब्रह्माण्ड “नहीं ” नहीं समझता।
जब आप लगातार सोचते रहते हैं कि “ कहीं पैसे कम ना पड़ जाएं “ तो दरअसल ब्रह्माण्ड को एक order दे रहे होते हैं जिसे वो इस तरह सुनता है ,” ये आदमी चाहता है की इसके पास पैसे कम पड़ जाएं ” और आपके जीवन में उसे हकीकत के रूप में ले आता है …आप पैसों की और भी कमी महसूस करने लगते हैं .
Friends, दरअसल हम images के through सोचते हैं . और ब्रह्माण्ड ये मान कर चलता है की जो इमेज हम देख या सोच रहे हैं वही हम अपनी लाइफ में चाहते हैं , और उसे वो हमारे लाइफ की reality बना देता है .
तो जब आप “ पैसे कम ना पड़ जाएं “ सोचते हैं तो …दिमाग में पैसे कम होने की इमेज बनती है …और इससे related feeling अन्दर पैदा होती हैं …..य़े सब इतनी तेजी से होता है कि may be आप इसे notice ना कर पाएं पर हमारा ये विचार ब्रह्माण्ड तुरंत catch कर लेता है और उसी के हिसाब से हमारी हकीकत बनाने में जुट जाता है .
Ok, तो आप ये तो समझ चुके होंगे कि आपको “पैसों की कमी ” वाली thought नहीं सोचनी चाहिए ,
क्योंकि ये तो वो चीज है जो आप नहीं चाहते हैं …आप तो इसका उल्टा चाहते हैं …” मेरे पास खूब पैसे हों ..”
Right…तो फिर आप इसे सोचिये …इसे हकीकत मान कर चलिए और ब्रह्माण्ड आपके जीवन में इसे सच कर देगा .........

08 December 2014

दोस्त

छोड़ दो किसी से वफ़ा की आस ऐ
दोस्त
जो रुला सकता है
वो भुला भी सकता ह...

20 November 2014

ShivYog क्या है?

ShivYog क्या है?

ShivYog सार्वभौमिक या भगवान चेतना के साथ एक चेतना के विलय है और किसी विशेष धर्म या पंथ से संबंधित नहीं है. ShivYog सभी के साथ विलय की खोज में है कि व्यक्तिगत चेतना के रूप में मनुष्य की यात्रा के बारे में है कि सुप्रीम चेतना .
हमारे जीवन में जो भी होता है, कि हम अनुभव खुशी और दु: ख हमारे असंख्य जन्मों से संचित हमारे अतीत कर्मों का परिणाम होते हैं. ये संग्रहीत कर्मों आदि हमारे दुख, विफलताओं, रोगों, कमी, गरीब संबंध, मानसिक तनाव और मानसिक आघात के लिए एक कारण हैं सिद्ध गुरुओं हम दिव्य कॉस्मिक ऊर्जा संजीवनी शक्ति लागू करके हमारे अतीत संग्रहीत कर्मों भंग की क्षमता है कि पता चला है. दिव्य ऊर्जा हमारे अतीत नकारात्मक कर्मों जारी है और हमारे जीवन में असीमित सुख, शांति, समृद्धि, बहुतायत और स्वास्थ्य लाता है.
हम जीवन में हमारे उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए जन्म लिया है. हमारे जीवन अनंत, बहुतायत और सफलता की ओर सीमाओं, कमी और विफलताओं से ले जाने के लिए एक रास्ता है, समग्र स्वास्थ्य के प्रति रोग से; परिमित व्यक्तिगत चेतना से अनंत शिव चेतना के लिए.
हम परम निर्माता शिव के साथ संघ की स्थापना जब यह हासिल किया जा सकता है. शिव अनंत का मतलब है और योग संघ और इसका मतलब शिव योग है संघअनंत साथ. हम सभी को अपार क्षमता के साथ पैदा होते हैं. दुनिया के सभी शक्तियां हमें में रहते हैं. एक व्यक्ति दर्द और पीड़ा वह यह उसकी नियति है कि स्वीकार करता है लेकिन शिव योग के अनुसार असली सच है कि हम खुद को दिव्य चेतना हो रहा है, जब हम परम आनंद कर रहे हैं और हम मनुष्य के रूप में अवतीर्ण किया गया है कारण है हमारे शरीर के माध्यम से उस परमानंद का अनुभव. सिद्ध गुरुओं से पता चला है कि हम शिव योग ध्यान यह स्वास्थ्य, समृद्धि और रिश्ते की उन्नति में जिसके परिणामस्वरूप चेतना के स्तर को उठाती है, हालांकि हमारे संचित कर्मों जल शुरू के रूप में. इस आध्यात्मिक प्रगति की दिशा मंध हमें गाइड और सभी सामग्री और आध्यात्मिक इच्छा को प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाता है. हम शिव द्वारा शोभा बढ़ाई है और हम जीवन में हासिल करना चाहते हैं जो कुछ materializing शुरू करते हैं. इस प्रकार शिव योग के माध्यम से हम हमारे में रहता है कि अनंत संभावनाओं प्रकट करना और अपने भाग्य बना सकते हैं.
शिव योग एक तकनीक नहीं है, यह है अनुग्रह का पथ . एक शिव योग का अभ्यास शुरू होता है जब तत्क्षण होता है कि भारी वृद्धि की अनुग्रह की वजह से है शिव योगियों उनके गहन tapaa (तपस्या) के साथ भगवान Mahamrityunjaya की संजीवनी शक्ति जागृत जो. अधिक भक्ति अधिक एक प्राप्त अनुग्रह एक शिव योग में हो सकता है अनुभव करने के लिए कोई सीमा नहीं है. अब तक संजीवनी शक्ति का ज्ञान और शक्ति बहुत कुछ शिव योगियों तक ही सीमित था. हम देवी लौकिक शक्ति हर क्षण का अनुभव है, लेकिन सकता है कि हम केवल एक गुरु भगवान की ओर जाता है कि दरवाजा अनलॉक कर सकते हैं के रूप में अपनी पूरी क्षमता का दोहन करने में असमर्थ थे. सौभाग्य से शिव का परमात्मा की कृपा से, बाबाजी दिव्य ज्ञान के साथ हम में से हर एक को आशीर्वाद शुरू कर दिया है. में Shivyog ध्यान शिविर बाबाजी परमात्मा के साथ (योग) हमारी आत्मा (शिव) से जोड़ता है जो Shaktipat करता है और हम दिव्य कॉस्मिक ऊर्जा आह्वान करने के लिए अधिकार मिलता है. लौकिक शक्ति लागू करके हम एक स्वस्थ, समृद्ध और सफल जीवन में होने वाली हमारी नकारात्मक कर्म को शुद्ध और छोड़ें.
बाबाजी, स्वस्थ सफल और खुश हम सब को देखने के लिए एक दिव्य दृष्टि है. उन्होंने कहा कि वर्षा से पूरी तरह से हमें और हमारे परिवार को चंगा करने के लिए शिव से प्रार्थना करता शिव योग की कृपा हमारे जीवन में और संजीवनी शक्ति और चलो शिव योग के चमत्कार प्रकट करना. बाबाजी के अनुसार अपने जीवन में हो रहे हैं कि सब चमत्कार आपके शिव योग साधना का परिणाम है. उन्होंने कहा कि हम सभी के शाश्वत शांति और सौहार्द का अनुभव और शिव योग के मार्ग पर ले जाते समय इस जीवन समय के दौरान आत्म बोध प्राप्त करना चाहता है.
आप के लिए प्रार्थना कर रहे हैं कि जब भी याद रखें कि भगवान शिव बाबा ब्रह्मांड की माँ पिता के पास अपनी प्रार्थना ले जाने के लिए आप के पास खड़ा है. भगवान शिव शिव आप इस जीवन के दौरान अपने जीवन के बहुत उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए और फिर से अवतार के आगे चक्र से मुक्त मदद मिल सकती.

24 July 2014

image


जीने का तरीका काश वो फूटपाथ पे खेल रहा बच्चा हमें सिखा दे, ना जाने भूखा पेट लेकर कैसे मुस्कुरा लेता हैं!

'चेहरे', "अजनबी" हो जाये तो कोई बात नही लेकिन, 'रवैये' "अजनबी" हो जाये तो 'बड़ी' "तकलीफ" देते हैं।

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जिंदगी जीता हुंँ मैं तो, 
एक खुली किताब की तरह,
ना कोई फरेब, 
ना कोई लालच।
मैं हर "बाजी"खेलता हूँ
बिना किसी छल कपट के,
क्युँकि,
ना तो मुझे है हारने का गम,
और
ना ही मनाना है मुझे जीत का कोई जश्न!!


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"जिंदगी तो उसकी है जिसकी मौत पे जमाना अफसोस करे, 
वरना जनम तो हर किसी का मरने के लिए ही होता है।"
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जीने का तरीका काश वो फूटपाथ पे खेल रहा बच्चा हमें सिखा दे,
ना जाने भूखा पेट लेकर कैसे मुस्कुरा लेता हैं!

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19 July 2014

Very Inspiring message

Very Inspiring message


1 - मुझे उचित शिक्षा लेने का अवसर नही मिला

अचित शिक्षा का अवसर फोर्ड मोटर्स के मालिक हेनरी फोर्ड को भी नही मिला ।

2- बचपन मे ही मेरे पिता का देहाँत हो गया था

प्रख्यात संगीतकार ए . आर . रहमान के पिता का भी देहांत बचपन मे हो गया था।


3 - मै अत्यंत गरीब घर से हू

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी गरीब घर से थे ।

4- बचपन से ही अस्वस्थ था

आँस्कर विजेता अभिनेत्री मरली मेटलिन भी बचपन से बहरी व अस्वस्थ थी ।


5 -मैने साइकिल पर घूमकर आधी जिंदगी गुजारी है

निरमा के करसन भाई पटेल ने भी साइकिल पर निरमा बेचकर आधी जिन्दगी गुजारी ।



6- एक दुर्घटना मे अपाहिज होने के बाद मेरी हिम्मत चली गयी

प्रख्यात नृत्यांगना सुधा चन्द्रन के पैर नकली है ।


7 - मुझे बचपन से मंद बुद्धि कहा जाता है

थामस अल्वा एडीसन को भी बचपन से मंदबुद्धि कहा जाता था।


8 - मै इतनी बार हार चूका अब हिम्मत नही

अब्राहम लिंकन 15 बार चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने।


9 - मुझे बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी

लता मंगेशकर को भी बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी थी।


10 - मेरी लंबाई बहुत कम है

सचिन तेंदुलकर की भी लंबाई कम है।


11 - मै एक छोटी सी नौकरी करता हू इससे क्या होगा

धीरु अंबानी भी छोटी नौकरी करते थे।


12 - मेरी कम्पनी एक बार दिवालिया हो चुकी है , अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा

दुनिया की सबसे बङी शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी दो बार दिवालिया हो चुकी है ।


13 - मेरा दो बार नर्वस ब्रेकडाउन हो चुका है , अब क्या कर पाऊगा

डिज्नीलैंड बनाने के पहले वाल्ट डिज्नी का तीन बार नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था।



14 - मेरी उम्र बहुत ज्यादा है

विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड के मालिक ने 60 साल की उम्र मे पहला रेस्तरा खोला था।


15 - मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है पर लोग अस्वीकार कर देते है

जेराँक्स फोटो कापी मशीन के आइडिये को भी ढेरो कंपनियो ने अस्वीकार किया था पर आज परिणाम सामने है ।


16 - मेरे पास धन नही

इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था उन्हे अपनी पत्नी के गहने बेचने पङे।



17 - मुझे ढेरो बिमारिया है

वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी अनेको बीमारियो मे थे | राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर काम नही करते थे।


कुछ लोग कहेगे कि यह जरुरी नही कि जो प्रतिभा इन महानायको मे थी , वह हम मे भी हो ________

सहमत हू मै लेकिन यह भी जरुरी नही कि जो प्रतिभा आपके अंदर है वह इन महानायको मे भी हो

सार यह है कि

"" आज आप जहा भी है या कल जहाँ भी होगे इसके लिए आप किसी और को
जिम्मेदार नही ठहरा सकते , इसलिए आज चुनाव करिये " सफलता और सपने चाहिए या खोखले बहाने ..... 1 - मुझे उचित शिक्षा लेने का अवसर नही मिला

अचित शिक्षा का अवसर फोर्ड मोटर्स के मालिक हेनरी फोर्ड को भी नही मिला ।

2- बचपन मे ही मेरे पिता का देहाँत हो गया था

प्रख्यात संगीतकार ए . आर . रहमान के पिता का भी देहांत बचपन मे हो गया था।


3 - मै अत्यंत गरीब घर से हू

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी गरीब घर से थे ।

4- बचपन से ही अस्वस्थ था

आँस्कर विजेता अभिनेत्री मरली मेटलिन भी बचपन से बहरी व अस्वस्थ थी ।


5 -मैने साइकिल पर घूमकर आधी जिंदगी गुजारी है

निरमा के करसन भाई पटेल ने भी साइकिल पर निरमा बेचकर आधी जिन्दगी गुजारी ।



6- एक दुर्घटना मे अपाहिज होने के बाद मेरी हिम्मत चली गयी

प्रख्यात नृत्यांगना सुधा चन्द्रन के पैर नकली है ।


7 - मुझे बचपन से मंद बुद्धि कहा जाता है

थामस अल्वा एडीसन को भी बचपन से मंदबुद्धि कहा जाता था।


8 - मै इतनी बार हार चूका अब हिम्मत नही

अब्राहम लिंकन 15 बार चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने।


9 - मुझे बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी

लता मंगेशकर को भी बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी थी।


10 - मेरी लंबाई बहुत कम है

सचिन तेंदुलकर की भी लंबाई कम है।


11 - मै एक छोटी सी नौकरी करता हू इससे क्या होगा

धीरु अंबानी भी छोटी नौकरी करते थे।


12 - मेरी कम्पनी एक बार दिवालिया हो चुकी है , अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा

दुनिया की सबसे बङी शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी दो बार दिवालिया हो चुकी है ।


13 - मेरा दो बार नर्वस ब्रेकडाउन हो चुका है , अब क्या कर पाऊगा

डिज्नीलैंड बनाने के पहले वाल्ट डिज्नी का तीन बार नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था।



14 - मेरी उम्र बहुत ज्यादा है

विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड के मालिक ने 60 साल की उम्र मे पहला रेस्तरा खोला था।


15 - मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है पर लोग अस्वीकार कर देते है

जेराँक्स फोटो कापी मशीन के आइडिये को भी ढेरो कंपनियो ने अस्वीकार किया था पर आज परिणाम सामने है ।


16 - मेरे पास धन नही

इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था उन्हे अपनी पत्नी के गहने बेचने पङे।



17 - मुझे ढेरो बिमारिया है

वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी अनेको बीमारियो मे थे | राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर काम नही करते थे।


कुछ लोग कहेगे कि यह जरुरी नही कि जो प्रतिभा इन महानायको मे थी , वह हम मे भी हो ________

सहमत हू मै लेकिन यह भी जरुरी नही कि जो प्रतिभा आपके अंदर है वह इन महानायको मे भी हो

सार यह है कि

"" आज आप जहा भी है या कल जहाँ भी होगे इसके लिए आप किसी और को
जिम्मेदार नही ठहरा सकते , इसलिए आज चुनाव करिये " ..?

Koi v atma jb jnam leti h mnushya rupme dhrti pr

Koi v atma jb jnam leti h mnushya rupme dhrti pr, tb phle se thik ho jata h kaun kaun si divya atma usko guide krengi, unko spiritual guides bolte h woh divya atmae us jeevatma ki rksa krti h jaise agr koi mnusya bura kaam krne ja rha h tb antr atma se awaj ati h nahi ye kaam glt h ise mt krna aur jo bykti bahut jyda bahir mukhi ho chuka h wo antr atma ki awaj sun nai pata aur dhire dhire wo spritual guide us jeev atma se dur ho jati h aur unka sthan devils le leti h .... babaji .... namah shivaya

एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी

"हम मरने के बाद स्वर्ग जाएँ यह महत्वपूर्ण नहीं.. 
पर मरने के पहले स्वर्ग बना जाएँ यह महत्वपूर्ण है


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ज्यादा बोझ लेकर चलने वाले अक्सर डूब जाते हैं,
फिर चाहे वो अभिमान का हो 
या 
सामान का!


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एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी, 
जीत जाओ तो, 
कई अपने पीछे छूट जाते हैं;
और 
हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं


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